Ballia: असलहा व्यापारी के परिजनों से मिले अखिलेश यादव, पूछा- सूदखोरों पर अब तक क्यों नहीं चला बुलडोजर?
सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को बलिया पहुंचे। सूदखोरों के आतंक से त्रस्त आकर आत्महत्या करने वाले असलहा व्यापारी के घर जाकर परिजनों से मिले और हरसंभव मदद का आश्वसन दिया।
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यूपी के बलिया में सूदखोरों के आतंक से त्रस्त आकर आत्महत्या करने वाले असलहा व्यापारी के परिजनों से गुरुवार को सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलाकात की। असलहा व्यापारी नंदलाल के घर पहुंच श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद परिजनों से मिले। इस दौरान व्यापारियों और समर्थकों की काफी भीड़ रही। उन्होंने व्यापारी की पत्नी मोनी गुप्ता को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि बच्चों के पालन पोषण के लिए पार्टी सहयोग राशि देगी।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस घटना को प्रमुखता से उठाएंगे ताकि आगे किसी व्यापारी के बेटे को आत्महत्या करने को मजबूर होना न पड़े। तीन मंजिला घर की जबरन कराई गई रजिस्ट्री निरस्त कराने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा व पुलिस के बड़े लोगों की सांठगांठ से चल रहा है सूदखोरी का कारोबार। यही हाल रहा तो निवेशक प्रदेश में पैसा नहीं लगाएंगे।
पूर्व सीएम ने इसके पश्चात छात्र नेता मनीष दूबे मनन के निधरिया स्थित आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वही पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह के आवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान महासचिव राजीव राय, कार्यकारी अध्यक्ष राजमंगल यादव, पूर्व मंत्री नारद राय, पूर्व मंत्री रिजवी, पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता व मौजूद रहे।
भाजपा का बुलडोजर अपने लोगों पर नहीं चलता
नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने टीडी कॉलेज मैदान में प्रेसवार्ता में कहा कि भाजपा का बुलडोजर अपने लोगों पर नहीं चलता है। बुलडोजर न्याय के लिए नहीं वोट के लिए है। अन्य मामलों की तरह नंदलाल गुप्ता आत्महत्या मामले में दोषियों पर बुलडोजर क्यों नहीं चला? उनके परिवार को बुलडोजर कब न्याय दिलाएगा।
उन्होंने कहा कि नंदलाल ने आत्महत्या सूदखोरों के कारण की। सूदखोरी का कारोबार पूरी तरह गैरकानूनी है। सरकार ने नोटबंदी करने के बाद बैंकों में पैसा जमाया कराया और बैंकों में पैसा भरा पड़ा है तो आखिर व्यापारियों को वह पैसा क्यों नही मिल रहा है। सूदखोरों से पैसा क्यों लेना पड़ा। वे लोग मनमानी करते हैं। पुलिस और भाजपा के बड़े लोगों के बिना सांठगांठ व ऊंची पहुंच के इतना बड़ा कारोबार संचालित नहीं हो सकता।
...तो बलिया तक निवेश लाना बहुत मुश्किल होगा
पुलिस द्वारा मृत व्यापारी का मोबाइल, डायरी व अन्य सामग्री लेने की जानकारी सरकार को होगी। सीडीआर या अन्य व्यापारी जिन्हें प्रताड़ित किया गया है, उनसे जानकारी करें तो पूरी जानकारी सरकार को हो जाएगी। अगर कार्रवाई करना चाहेगी तो। पूर्व सीएम ने कहा कि सूदखोरी के अवैध कारोबार की जानकारी निवेशकों को हो गई तो कोई भी एक पैसा प्रदेश में नहीं लगाएगा। बलिया तक निवेश लाना बहुत मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से नंदलाल के बच्चों व बूढ़ी मां की परवरिश के लिए पत्नी को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और सूदखोरों द्वारा जबरदस्ती कराई गई रजिस्ट्री को निरस्त करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सदन में नंदलाल गुप्ता की बात के साथ पुलिस हिरासत में हो रही मौतों पर भी सवाल उठाउंगा। कानपुर में एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मार-मार कर मौत के घाट उतार दिया, आज तक नौकरी नहीं दी। इससे पूर्व असलहा व्यापारी नंदलाल की पत्नी मोनी गुप्ता ने अखिलेश यादव को छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
लोकतंत्र बचाने का आखिरी मौका: सपा प्रमुख
युवाओं की बेरोजगारी दूर करने, किसान व बुनकर को सुविधाएं देने के साथ हम सबके लिए लोकतंत्र व संविधान को बचाने का यह आखिरी मौका है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मुड़ेरा गांव स्थित पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह के आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि युवा अग्निवीर से प्रसन्न नहीं हैं। ऐसी हालत में युवा देश की सेवा क्या करेगा। देश के पूंजीपति दिन रात आगे बढ़ रहे हैं। वहीं, गरीब किसान मजदूर परेशान हैं। बुनकरों की भुखमरी पर कहा कि सरकार ने सुविधाएं छीन ली हैं। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। युवा, गरीब, किसान मजदूरों की भला सपा ही कर सकती है। सपा सभी धर्मों में विश्वास करती है।
भाजपा को हटाकर देश-प्रदेश को बचाया जा सकता है। इसके पूर्व कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया और स्मृति चिह्न प्रदान किया। पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश से ही देश की राजनीति की दिशा तय होती है। कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि 45 से 50 सीट जिता दें तो केंद्र में सपा का राज होगा। इस मौके पर चंद्रशेखर सिंह, अरविंद गिरी, संतोष कुमार, बदरूदुजा जाफरी उर्फ बबलू, विजय शंकर यादव, बनारसी प्रसाद वर्मा, वीरबल राम, मनोज गुप्ता आदि रहे।