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Ballia News: डाकिनगंज स्कूल भवन गिराने पर अखिलेश ने उठाए सवाल
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा फेसबुक पर डाला गया शिक्षा क्षेत्र पंदह के डाकिनगंज जर्जर
पूर। शिक्षा क्षेत्र पंदह के डाकिनगंज प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को ध्वस्त किए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर सरकार पर ठीकठाक विद्यालयों को तोड़ने का आरोप लगाया है।
वहीं, शिक्षा विभाग और विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भवन को जर्जर बताते हुए कहा है कि उसे हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार नीलामी के बाद शुरू की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अखिलेश यादव ने विद्यालय भवन की स्थिति को ठीक बताते हुए उसके ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना है कि भवन पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था और उसकी जानकारी विभाग को भेजी गई थी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव कुमार ने बताया कि भवन काफी जर्जर हो चुका था। इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी गई थी। विभागीय स्तर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन की नीलामी कराई गई और अब उसे ध्वस्त कराया जा रहा है।
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खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार चौबे ने बताया कि जर्जर भवन की नीलामी की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। निर्धारित तिथि पर भवन के मलबे के लिए बोली लगाई गई, जिसमें 53 हजार रुपये तक बोली पहुंची, लेकिन इसके बाद किसी ने बोली नहीं लगाई। अब भवन को ध्वस्त कर उसके मलबे का इस्तेमाल विद्यालय परिसर में प्रस्तावित नए भवन के निर्माण में किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पंदह क्षेत्र के एकइल और चड़वा-बरवा गांव में भी जर्जर विद्यालय भवनों को विभागीय अनुमति के बाद नीलामी प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है। विभाग का तर्क है कि जर्जर भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से हटाना जरूरी है।
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वहीं, शिक्षा विभाग और विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भवन को जर्जर बताते हुए कहा है कि उसे हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार नीलामी के बाद शुरू की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अखिलेश यादव ने विद्यालय भवन की स्थिति को ठीक बताते हुए उसके ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना है कि भवन पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था और उसकी जानकारी विभाग को भेजी गई थी।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव कुमार ने बताया कि भवन काफी जर्जर हो चुका था। इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी गई थी। विभागीय स्तर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन की नीलामी कराई गई और अब उसे ध्वस्त कराया जा रहा है।
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खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार चौबे ने बताया कि जर्जर भवन की नीलामी की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। निर्धारित तिथि पर भवन के मलबे के लिए बोली लगाई गई, जिसमें 53 हजार रुपये तक बोली पहुंची, लेकिन इसके बाद किसी ने बोली नहीं लगाई। अब भवन को ध्वस्त कर उसके मलबे का इस्तेमाल विद्यालय परिसर में प्रस्तावित नए भवन के निर्माण में किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पंदह क्षेत्र के एकइल और चड़वा-बरवा गांव में भी जर्जर विद्यालय भवनों को विभागीय अनुमति के बाद नीलामी प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है। विभाग का तर्क है कि जर्जर भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से हटाना जरूरी है।