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दो दशक बाद छूट गया समाजवाद का साथ
ballia
Updated Sun, 29 Jan 2017 10:57 PM IST
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See, how qualified UP Election candidates from Meerut
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मुलायम सिंह यादव के करीबी और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व मंत्री नारद राय ने करीब दो दशक से समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। अब बसपा का दामन थामने के बाद बलिया नगर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में ताल ठोकेंगे। इससे पहले बलिया नगर से बसपा ने रामजी गुप्त को चुनाव मैदान में उतारा था।
सपा हाईकमान में मचे पारिवारिक उठापटक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिन चार कैबिनेट मंत्रियों को बर्खास्त किया था, उसमें नारद राय भी शामिल थे। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने जो सूची जारी की थी उसमें नारद राय को बलिया नगर का प्रत्याशी भी बनाया गया था। लेकिन अखिलेश यादव के हाथ में पार्टी की कमान मिलने के बाद से नारद राय के टिकट पर संशय चल रहा था। बलिया नगर को छोड़ बलिया के सभी सीटों से सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि नारद राय बसपा में जा सकते है। रविवार को बसपा में शामिल होने के बाद बलिया नगर से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद नारद राय के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई नगर के विभिन्न क्षेत्रों के समर्थकों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता जाहिर की।
नारद राय वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। अपने 5 साल के कार्यकाल में वह प्रदेश की कैबिनेट में अलग.अलग विभागों के मंत्री भी बने थे। सन 2007 में बसपा प्रत्याशी मंजू सिंह से मात खानी पड़ी। विगत 2012 के चुनाव में उन्हें सपा ने फिर अपना उम्मीदवार बनायाए जिसमें जीत के बाद उन्हें दोबारा मंत्री का पद दिया गया। नगर विधानसभा से टिकट के लिए करीब एक माह से प्रयास करते रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
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सपा हाईकमान में मचे पारिवारिक उठापटक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिन चार कैबिनेट मंत्रियों को बर्खास्त किया था, उसमें नारद राय भी शामिल थे। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने जो सूची जारी की थी उसमें नारद राय को बलिया नगर का प्रत्याशी भी बनाया गया था। लेकिन अखिलेश यादव के हाथ में पार्टी की कमान मिलने के बाद से नारद राय के टिकट पर संशय चल रहा था। बलिया नगर को छोड़ बलिया के सभी सीटों से सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि नारद राय बसपा में जा सकते है। रविवार को बसपा में शामिल होने के बाद बलिया नगर से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद नारद राय के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई नगर के विभिन्न क्षेत्रों के समर्थकों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता जाहिर की।
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नारद राय वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। अपने 5 साल के कार्यकाल में वह प्रदेश की कैबिनेट में अलग.अलग विभागों के मंत्री भी बने थे। सन 2007 में बसपा प्रत्याशी मंजू सिंह से मात खानी पड़ी। विगत 2012 के चुनाव में उन्हें सपा ने फिर अपना उम्मीदवार बनायाए जिसमें जीत के बाद उन्हें दोबारा मंत्री का पद दिया गया। नगर विधानसभा से टिकट के लिए करीब एक माह से प्रयास करते रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
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