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Ballia News: बाढ़ के बाद हर तरफ दुर्गंध और कीचड़, छतों पर कट रही जिंदगी

Sat, 09 Aug 2025 01:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Aug 2025 01:23 AM IST
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After the flood, there is stench and mud everywhere, life is being spent on the roofs
बाढ़ में नाव से आवागमन करते लोग।  - फोटो : samvad
बलिया/मझौवां/दया छपरा। लगभग एक सप्ताह बाद गंगा का जलस्तर गिरने लगा है। इसी के साथ ही बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं बढ़ने लगी हैं। प्रशासन की ओर से रोशनी, नाव, राहत किट, पशु चारा आदि की व्यवस्था का दावा तो किया जा रहा है लेकिन सुविधाएं दिख नहीं रहीं। बाढ़ पीड़ित एनएच-31 पर कीचड़ में रहने पर मजबूर हैं। दया छपरा में लोग छतों पर फंसे हैं।
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ग्राम पंचायत जगदेवा के चिंतामणि राय के टोला और पांडेयपुर में जूनियर हाईस्कूल के आसपास बसे ग्रामीण अपने मकानों की छत पर जीवन यापन करने के लिए बाध्य हैं। प्रशासन की तरफ से कोई सुविधा इन बाढ़ पीड़ितों को नहीं दी गई है। कई परिवारों का भोजन भी नहीं बन पा रहा। सबसे बड़ी किल्लत पीने कि पानी को हो रही है। नल या तो डूब गए हैं या दूषित पानी आ रहा है। प्राइमरी पाठशाला पांडेयपुर के पास शर्मा टोली, पवार टोला, रामपुर, प्राइमरी पाठशाला पांडेयपुर, जूनियर हाईस्कूल पांडेपुर के चारों तरफ पानी ही पानी है। घरों और स्कूल के अंदर तक डेढ़ से दो फीट पानी भरा है। रोड पर शरण लिए पीड़ितों को तिरपाल, दो टाइम भोजन का पैकेट दिया जाता है। जो लोग गांव में कैद हैं उनका हाल भी कोई पूछने वाला नहीं है।
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बाढ़ प्रभावित परिवार भोजन, पानी, राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाएं, पशु चारे, रोशनी के लिए परेशान हैं। उनका आरोप है कि हर सुविधा सिर्फ कागजों में मुहैया कराई जा रही है। लोगों का आरोप है कि एक दिन पहले शहर के बिचला घाट पर नाविकों ने मजदूरी को लेकर नावों का संचालन बंद कर दिया था। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित गांवों में विद्युत आपूर्ति के लिए जेनरेटर की व्यवस्था की गई है लेकिन गांवोें में ऐसी व्यवस्था नहीं है। चक्की नौरंगा, भुआल छपरा, नौरंगा, उपाध्याय टोला में दिक्कत है। हल्दी: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी की टीम शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित गांव रेपुरा, बहादुरपुर और सुजानीपुर में नाव के माध्यम से डोर-टू-डोर जाकर दवाओं का वितरण किया।
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आठ स्कूलों में बाढ़ का पानी: जयप्रकाश नगर। शिक्षा क्षेत्र मुरली छपरा में बाढ़ के कारण आठ स्कूलों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पठन-पाठन का कार्य बाधित है। ग्राम पंचायत चांददियर की 70 प्रतिशत आबादी सरयू नदी के बाढ़ से प्रभावित है। सात प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए हैं।
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