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बाढ़ के बाद अब कटान का कहर: दो आशियाने सरयू में समाए, बलिया के इस गांव में आधा दर्जन मकान मुहाने पर; परेशानी

Sat, 12 Sep 2026 07:15 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 12 Sep 2026 07:15 PM IST
सार

बैरिया में सरयू की बाढ़ के बीच गोपाल नगर टाड़ी में तेज कटान से दूधनाथ यादव और राजपति यादव के मकान नदी में समा गए। चार अन्य मकान भी कटान की जद में हैं। प्रभावित परिवार रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हैं। कई गांवों में घर और रास्ते जलमग्न हैं। भोजन, मवेशियों के चारे, पेयजल और शौचालय की समस्या बनी हुई है।

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After floods now havoc of erosion two homes swallowed Saryu half dozen houses in Ballia village teetering
कटाने के मुहाने पर दो आशियाने। - फोटो : संवाद

विस्तार

बैरिया में सरयू नदी की बाढ़ से दियरांचल के आधा दर्जन से अधिक गांवों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ के बीच गोपाल नगर टाड़ी के ग्रामीणों पर अब कटान की आफत टूट पड़ी है। शुक्रवार रात नदी के तेज कटान में दूधनाथ यादव और राजपति यादव के मकान देखते ही देखते सरयू में समा गए। वहीं, रामनरेश यादव, कमलेश यादव, रामपलट यादव और संजय यादव के मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। इनके कभी भी नदी में धराशायी होने का खतरा बना हुआ है।

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कटान की जद में आए परिवारों ने खतरे को भांपते हुए पहले ही अपने मकान खाली कर दिए थे। मकान नदी में विलीन होने के बाद प्रभावित परिवार रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के साथ कटान ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पानी बढ़ने और कटान जारी रहने से लोगों में दहशत का माहौल है।

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सरयू के बाढ़ के पानी से वशिष्ठ नगर, देवपुर, मानगढ़, गोपाल नगर, गोपाल नगर टाड़ी, शिवाल मठिया, बकुलहा, टोला फते राय और चांद दियर की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में अब भी घरों में पानी भरा है, जबकि संपर्क मार्ग जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के सामने भोजन के साथ मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और साफ-सफाई को लेकर भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए शौचालय की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। पीड़ितों ने बताया कि अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी के बीच खुले में शौच की मजबूरी से महिलाओं को लज्जाजनक परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत, पेयजल, चारे और स्वच्छता की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है।

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