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UP: IAS के रिश्तेदार के अपहरण की FIR दर्ज करने के बाद नपे कोतवाल, मंत्री ने दिखाया अपना तेवर; जानें पूरा मामला

Mon, 22 Jul 2024 06:38 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 22 Jul 2024 06:38 PM IST
सार

Ballia News: बलिया के पंप व्यापारी के अपहरण मामले में शिक्षक और छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया। प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने वाले कोतवाली पर ही कार्रवाई करवा दी।

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After filing an FIR for kidnapping in ballia police officer was reprimanded minister showed attitude
मंत्री ने दिखाया तेवर तो हो गई कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलिया सदर कोतवाली पुलिस ने चितबड़ागांव निवासी एक पेट्रोल पंप व्यापारी के अपहरण मामले में एक शिक्षक व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया, वहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया।

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शिक्षक के रिश्तेदार एवं प्रदेश सरकार के मंत्री को इसकी जानकारी हुई तो उन्होनें बिना मामले की जांच किए केस दर्ज कर गिरफ्तारी करने का आरोप कोतवाल पर लगाया। मंत्री के कड़े तेवर पर एसपी ने सदर कोतवाल संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
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बताया जा रहा कि एक आईएएस की पैरवी के बाद कोतवाल ने अपहरण आदि धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। 

चितबड़ागांव के पेट्रोल पंप स्वामी उद्देश्य गुप्ता पुत्र अविनाश ने कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि गत शुक्रवार को दोपहर तीन बजे जिला पंचायत कार्यालय में कार खड़ी कर सब रजिस्टार कार्यालय बलिया में मुआयना संबंधी कार्य को कर वापस आ रहा था।
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आरोप लगाया था कि दिनेश प्रताप सिंह व कृष्ण प्रताप सिंह निवासी संकट मोचन कॉलोनी सिविल लाइन गाली-गलौज करने लगे। कहा कि तुम्हारे चाचा राजीव कुमार को पैसा दिया है, वह पैसा तुम ही मुझे दोंगे। उद्देश्य ने गाली देने से मना किया। कहा कि पैसा राजीव कुमार मांगें।

इस पर दोनों लोग उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा कर अपने घर ले गए तथा धमकाने लगे। डर के मारे दोनों को दस लाख रुपया देकर उनके कब्जे से छूटा। उद्देश्य को एक आईएएस अधिकारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ये भी कहा जा रहा है कि उक्त अधिकारी के पैरवी के बाद भी दोनों आरोपियों पर एफआईआईर दर्ज हुई थी।

पैसा न देने पर मुकदमा दर्ज करने का आरोप
पेट्रोल पंप व्यापारी अपहरण मामले में जेल में बंद दिनेश प्रताप सिंह को अचानक सीने में दर्द होने की शिकायत पर जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सक ने हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया।

अस्पताल में इलाज करा रहे दिनेश सिंह ने बताया की पेट्रोल पंप चलाने के लिए उद्देश्य गुप्ता के परिजनों ने दस लाख रुपया कर्ज लिया था, जिसके कागजात भी हैं। उद्देश्य का अपहरण नहीं किया गया। वह खुद मेरे घर बातचीत के लिए पहुंचा था। कोतवाल संजय सिंह ने मुझसे पांच लाख रुपये की मांग की थी। न देने पर मुकदमा दर्ज कर लिया।

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