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Ballia News: 40 साल बाद विवाद का हुआ अंत, ग्रामसभा के नाम पर दर्ज हुई जमीन
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सिकंदरपुर। तहसील क्षेत्र के चकबंदी गांव पुर में 40 साल से चल रहे 5 एकड़ 93 डिसमिल जमीन के विवाद का अंत हो गया। चकबंदी अधिकारी सुरेश मिश्रा द्वारा पारित आदेश के बाद उक्त जमीन से काश्तकारों के नाम हटाकर उसे पुनः ग्राम समाज के नाम दर्ज कर दिया गया है।
उससा गांव निवासी मनोज चौहान ने चकबंदी न्यायालय में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि 40 साल पहले तत्कालीन लेखपालों की मिलीभगत से कुछ व्यक्तियों ने अपनी पत्नियों के नाम पर उक्त हिस्से पर दर्ज करा दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चकबंदी अधिकारी ने काश्तकारों को बार-बार नोटिस व समन जारी कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन किसी ने भी ठोस साक्ष्य नहीं दिए। इसके आधार पर चकबंदी न्यायालय ने खाता संख्या 559-ब से काश्तकारों का नाम हटाते हुए लगभग 6 एकड़ भूमि को पुनः ग्राम समाज के नाम दर्ज कर दिया।
इस संबंध में एसीओ माया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि 40 वर्ष पूर्व हुए अभिलेखीय हेरफेर की जांच की गई। काश्तकारों को मुकदमे के दौरान नोटिस और समन दिए गए थे, लेकिन वे कोई साक्ष्य नहीं दे सके। अंततः आराजी को ग्रामसभा के पक्ष में दर्ज कर दिया गया है।
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उससा गांव निवासी मनोज चौहान ने चकबंदी न्यायालय में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि 40 साल पहले तत्कालीन लेखपालों की मिलीभगत से कुछ व्यक्तियों ने अपनी पत्नियों के नाम पर उक्त हिस्से पर दर्ज करा दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चकबंदी अधिकारी ने काश्तकारों को बार-बार नोटिस व समन जारी कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन किसी ने भी ठोस साक्ष्य नहीं दिए। इसके आधार पर चकबंदी न्यायालय ने खाता संख्या 559-ब से काश्तकारों का नाम हटाते हुए लगभग 6 एकड़ भूमि को पुनः ग्राम समाज के नाम दर्ज कर दिया।
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इस संबंध में एसीओ माया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि 40 वर्ष पूर्व हुए अभिलेखीय हेरफेर की जांच की गई। काश्तकारों को मुकदमे के दौरान नोटिस और समन दिए गए थे, लेकिन वे कोई साक्ष्य नहीं दे सके। अंततः आराजी को ग्रामसभा के पक्ष में दर्ज कर दिया गया है।
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