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Ballia News: सात मई तक काम नहीं करेंगे अधिवक्ता
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सिकंदरपुर। तहसील बार एसोसिएशन की सोमवार को अधिवक्ता सभागार में आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने विभिन्न समस्याओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में तहसील न्यायालय परिसर में प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर गहरी नाराजगी जताते हुए सात मई तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि निजी कर्मचारियों की नियुक्ति से पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की कि न्यायालय परिसर में कार्य कर रहे प्राइवेट कर्मचारियों को सात मई तक हटाया जाए। ऐसा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी असंतोष जताया। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। इससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यदि इस दौरान प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा। अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि निजी कर्मचारियों की नियुक्ति से पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की कि न्यायालय परिसर में कार्य कर रहे प्राइवेट कर्मचारियों को सात मई तक हटाया जाए। ऐसा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी असंतोष जताया। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। इससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यदि इस दौरान प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा। अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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