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Ballia News: अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर बंद कर किया प्रदर्शन

Thu, 23 Feb 2023 12:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Feb 2023 12:43 AM IST
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Advocates demonstrated by closing the court premises
बलिया। ग्राम न्यायालयों को सभी तहसीलों में भेजे जाने के विरोध में क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन तथा दी सिविल बार एसोसिएशन के वकीलों ने मंगलवार को संयुक्त बैठक कर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया था। जिसके क्रम में सिविल बार तथा क्रिमिनल बार के वकीलों ने अलग-अलग कोर्ट के गेट पर तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने प्रदेश सरकार व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि बागी बलिया कि धरती से फूंका गया बिगुल हर किसी की बत्ती गुल कर देता है।
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इस दौरान वकीलों ने कहा कि प्रदेश सरकार व हाईकोर्ट की मनमानी किसी भी हालत में हम लोग चलने नहीं देंगे। सूबे की सरकार ग्राम न्यायालय के नाम पर गांव के गरीब व गुरबत में जीवन यापन करने वाले लोगों को परेशान करने के लिए ग्राम न्यायालयों का गठन कर रही है। जबकि वास्तव में ग्राम न्यायालय हर गांव में खुले तो माना जाएगा कि सरकार गांव के गरीबों की सच्ची हितैषी है। संयुक्त बार एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को सुबह दस खुलने से पहले ही क्रिमिनल बार के वकील व कार्यकारिणी के पदाधिकारी मुख्य गेटों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान वकीलों ने दो नंबर एक नंबर गेट पर तालाबंदी कर अपना विरोध जताया। वहीं परिवार न्यायालय पर सिविल बार के वकीलों ने परिवार न्यायालय के गेट पर तालाबंदी की। इस दौरान क्रिमिनल बार के सभागार में सिविल व क्रिमिनल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बैठक की जिसमें वकीलों ने निर्णय लिया कि बृहस्पतिवार व शुक्रवार को भी वकील दस बजे से पहले आकर कोर्ट के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर पूर्व की भांति धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान किसी भी कोर्ट में न्यायिक कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
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क्रिमिनल बार के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार के तानाशाही रवैए के चलते तहसील स्तर पर न्यायालयों को स्थानांतरित किया जा रहा है। लेकिन शासन की मंशा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तहसीलों पर न्यायालय भेजकर और ग्राम न्यायालय की संज्ञा दी जा रही है। जो गांव के गरीब व वादकारियों के साथ पूरी तरह से छलावा है, जिसे हम अधिवक्ता किसी तरह से बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर सिविल बार के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार दुबे ने झांकी प्रदेश सरकार हमेशा वकीलों को दो धड़े में बांटने का कार्य किया है। जहां एक तरफ अधिवक्ता न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करता है वही सरकार तहसील व जिला मुख्यालय के वकीलों को अलग-अलग बांट करके अपना उल्लू सीधा करना चाहती है। जबकि इससे न तो तहसील के अधिवक्ताओं को फायदा है न तो जिला मुख्यालय के अधिवक्ताओं को कोई लाभ होने वाला है। इस मौके पर सिविल बार के महासचिव कुबेर नाथ पांडेय, महासचिव अनिल मिश्रा, उपाध्यक्ष शिवकुमार तिवारी, प्रदीप कुमार गुप्ता, उमाशंकर तिवारी, धीरज ठाकुर, विवेकानंद पांडेय, अनिलेश पाठक, शंकर राम फौजदार, दयाशंकर तिवारी, सुभाष चंद श्रीवास्तव, मनोज राय हंस, सत्य प्रकाश यादव, अखिलेश सिंह, डॉ. निर्भय नारायण सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता देवेंद्र नाथ मिश्रा, देवेंद्र कुमार दुबे तथा संचालन कुबेर नाथ पांडेय व अनिल मिश्रा ने किया।
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