फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Acharya ji was outstanding as a fine essayist:

आचार्य जी ललित निबंधकार के रूप में अप्रतिम थे: जनार्दन राय

Tue, 19 May 2020 09:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2020 09:57 PM IST
विज्ञापन
Acharya ji was outstanding as a fine essayist:
बलिया। ओझवलिया की माटी में जन्मे और मोक्ष दायिनी काशी की सांस्कृतिक धरती में अंतिम सांस लेने वाले आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हिंदी गद्य साहित्य के शलाका पुरुष थे। अध्यापन और अनुशंधित्सु वृत्ति में अप्रतिम आचार्य संपादन कला में दक्ष संस्कृति और संस्कृत के मेरूदंड थे।
विज्ञापन

काशीपुर स्थित मानवीय साहित्यिक मंच के तत्वावधान में मंगलवार को आयोजित सादे कार्यक्रम में पुण्यतिथि पर नमन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जर्नादन राय ने कहा कि आचार्य जी उपन्यास, कहानी, गल्प, साहित्येतिहास, निबंध एवं ललित निबंधकार के रूप वे अप्रतिम थे। वे मनुष्य की दृष्टि से साहित्य को देखने के पक्षपाती थे। उनका कहना था कि जो साहित्य मनुष्य की आत्मा को तेजोदिप्त न बना सकें, उसे साहित्य कहने में मुझे संकोच होता है। वस्तुत: वे सत्य, शिव, सुंदर के समन्वय के पक्षधर थे। इस मौके पर कामेश्वर नाथ पांडेय, श्रीप्रकाश मिश्र, अशोक कुमार पांडेय, रजनीश उपाध्याय, श्रीनिवास यादव इत्यादि ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक-एक कर आचार्य जी को नमन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed