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मानसून करीब, सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 13 Jun 2016 10:18 PM IST
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कुंवर सिंह चौराहा से डीएम आवास तक जाने वाली जर्जर सड़क।
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मानसून करीब है, लेकिन नगर की सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। पूरी सड़क में कदम-कदम पर गड्ढे हैं। जर्जर सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहीं हैं। इसे लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। आलम यह है कि बार-बार नगर की सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन नगरपालिका द्वारा दिया जाता रहा है। मानसून नजदीक आने को है फिर भी नगर की कई सड़के अब भी जर्जर बनी हुई है। जिससे बरसात के दिनों में ये सड़के जानलेवा साबित हो सकती हैं।
नगर की सड़क कितनी जर्जर है यह किसी को बयां करने की जरूरत नहीं है। सड़कें क्यों नहीं बन रही है, कहां से दिक्कत आ रही है इस पर कोई खुलकर कहने को तैयार नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक तरफ तो प्रदेश की सपा सरकार विकास का ढिंढोरा पीटने में पीछे नहीं हट रही है। वहीं नगर का आलम यह है कि यहां का विकास कार्य प्रभावित पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ऐसा नहीं है कि नगर की सड़कों को बनाने के लिए नगरपालिका के पास पैसा नहीं है। लेकिन जब से टेंडर विवाद हुआ है, तब से अब तक कई बार टेंडर करने के बाद निरस्त कर दिया गया। अब फाइल डीएम के पास रुकी हुई है। तीन-तीन बार टेंडर निरस्त होना और फाइल डीएम के यहां लंबित होना यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
अब एक सप्ताह के अंदर मानसून आने वाला है। ऐसे में दूर-दूर तक जर्जर सड़कों को बनने की संभावना नहीं है। लोग यह मान कर चल रहे हैं कि इस बारिश के मौसम में भी नगर की कई सड़कें जर्जर होने के कारण जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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नगर की सड़क कितनी जर्जर है यह किसी को बयां करने की जरूरत नहीं है। सड़कें क्यों नहीं बन रही है, कहां से दिक्कत आ रही है इस पर कोई खुलकर कहने को तैयार नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक तरफ तो प्रदेश की सपा सरकार विकास का ढिंढोरा पीटने में पीछे नहीं हट रही है। वहीं नगर का आलम यह है कि यहां का विकास कार्य प्रभावित पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ऐसा नहीं है कि नगर की सड़कों को बनाने के लिए नगरपालिका के पास पैसा नहीं है। लेकिन जब से टेंडर विवाद हुआ है, तब से अब तक कई बार टेंडर करने के बाद निरस्त कर दिया गया। अब फाइल डीएम के पास रुकी हुई है। तीन-तीन बार टेंडर निरस्त होना और फाइल डीएम के यहां लंबित होना यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
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अब एक सप्ताह के अंदर मानसून आने वाला है। ऐसे में दूर-दूर तक जर्जर सड़कों को बनने की संभावना नहीं है। लोग यह मान कर चल रहे हैं कि इस बारिश के मौसम में भी नगर की कई सड़कें जर्जर होने के कारण जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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