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अब हमरा से बात ना हो पाई ऐ माई...

Mon, 19 Sep 2016 08:19 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया Updated Mon, 19 Sep 2016 08:19 PM IST
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ab hamra se baat na ho payi
बालसमंद में मिलिट्री एरिया के लिए फिजिकल सर्वे शुरू - फोटो : bureau
अब बात ना हो पाई, ऐ माई! ऊपर जात बानी...। चार दिन पहले बबुआ इहे कहले रहलन। हमरा का पता रहे कि ऊ ऐतना दूर जाए के  बात करत रहलन। चार दिन पहले बेटे लांस नायक राजेश यादव से बात करने वाली मां सोमरिया देवी ये बातें करते हुए फ फक कर रो पड़ी। दुबहर थाना क्षेत्र के दुबहर यादव डेरा गांव निवासी लांस नायक राजेश कुमार यादव की घरवालों से आखिरी बार चार दिन पहले फोन पर बात हुई थी।
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सोमवार को जैसे ही पुलिस ने शहीद लांस नायक राजेश कुमार यादव के परिवार के लोगों को सूचना दी, उनका कलेजा हिल गया। घर में कोहराम न मचे इसके लिए परिवार के पुरुष सदस्य थाने पर ही आ गए थे। वहीं इस खबर से पूरा गांव हतप्रभ रह गया। हर किसी की आंखें अपने बहादुर बेटे के अंतिम दर्शन के इंतजार में लग गई। हालांकि विशेष विमान के बाबतपुर देर से पहुंचने की वजह से राजेश का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचेगा, इस खबर ने माहौल को और गमगीन कर दिया। 
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परिवार के अनुसार बिहार रेजीमेंट में तैनात लांस नायक राजेश कुमार यादव जम्मू कश्मीर में करीब पांच साल से तैनात थे। करीब 20 दिन पहले ही वह छ़ुट्टी पर गांव आए थे। गांव से लौटने के बाद उसे सूचना मिली कि उसे जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर पर जाना है तो उसने अपनी मां सोमरिया देवी को फोन कर करीब एक घंटे तक बातचीत की थी।
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मां को सांत्वना दे रहा है कि उड़ी सेक्टर में जाने के बाद कम ही बात हो सकेगी। उसे क्या मालूम था कि उसकी यह अंतिम बात मां से हो रही है। जब सोमवार को दुबहर पुलिस ने लांस नायक राजेश के शहीद होने की सूचना दी तो पूरे परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। दिल की मरीज तथा गर्भवती पत्नी से परिवार के सदस्यों ने करीब दो -तीन घंटे तक इस खबर को छिपाया।


लेकिन इतना बड़ा दर्द देर तक लोगों के कलेजे और आंखें रोक नहीं पाईं। घर की महिलाओं को जैसे ही अपने परिवार के लाडले के शहीद होने की सूचना मिली। महिलाओं के रुदन-क्रंदन को सुनकर हर कोई रो पड़ा। गांव का हर शख्स राजेश के घर उनके दर्द में शरीक होने पहुंच रहा था। सभी की आंखों में अपने जाबांज बेटे की शहादत पर आंसू तो थे लेकिन गर्व से सीना भी चौड़ा हो गया था।  
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