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Ballia News: जिंदगी की जंग लड़ रही है छह साल की बच्ची
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सिकंदरपुर। नवानगर क्षेत्र के चांडी गांव में सोमवार को एक मासूम बच्ची के साथ हादसा हो गया। छह वर्षीय रोशनी को नींद से उठते ही विषैले सांप ने डंस लिया। बच्ची ने तत्काल परिजनों को बताया कि उसे कुछ काट लिया है, लेकिन परिजनों ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ ही घंटों में जब रोशनी की तबीयत बिगड़ने लगी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अब मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
चांडी गांव निवासी देवचंद राजभर की तीन बेटियां रोशनी (6), ईशा (3) और पीहू (1) है। सोमवार की सुबह रोशनी घर में सो रही थी। नींद खुलने पर वह जैसे ही कमरे से बाहर निकली, किसी विषैले सांप ने उसे डंस लिया। रोशनी ने तत्काल परिजनों से कहा, मुझे कुछ काट लिया है, लेकिन परिजनों ने इसे मामूली समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया। कुछ घंटों बाद रोशनी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। वह बेहोश होने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। घबराए परिजन तत्काल उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचे, जहां डॉ. दिग्विजय कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हालांकि परिजन पहले उसे पंदह स्थित मिशन अस्पताल ले गए, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए मऊ रेफर कर दिया गया। वर्तमान में बच्ची मऊ के फातिमा हॉस्पिटल में भर्ती है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ऑक्सीजन और दवाओं के सहारे बच्ची को बचाने की कोशिश की जा रही है।
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चांडी गांव निवासी देवचंद राजभर की तीन बेटियां रोशनी (6), ईशा (3) और पीहू (1) है। सोमवार की सुबह रोशनी घर में सो रही थी। नींद खुलने पर वह जैसे ही कमरे से बाहर निकली, किसी विषैले सांप ने उसे डंस लिया। रोशनी ने तत्काल परिजनों से कहा, मुझे कुछ काट लिया है, लेकिन परिजनों ने इसे मामूली समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया। कुछ घंटों बाद रोशनी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। वह बेहोश होने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। घबराए परिजन तत्काल उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचे, जहां डॉ. दिग्विजय कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हालांकि परिजन पहले उसे पंदह स्थित मिशन अस्पताल ले गए, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए मऊ रेफर कर दिया गया। वर्तमान में बच्ची मऊ के फातिमा हॉस्पिटल में भर्ती है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ऑक्सीजन और दवाओं के सहारे बच्ची को बचाने की कोशिश की जा रही है।
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