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ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
Ballia
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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बलिया। नगरा विकास खंड अंतर्गत निकासी गांव के प्रधान पर विकास के धन में किए गए गोलमाल के मामले में गुरुवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नगरा थानाध्यक्ष को प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही इस मामले की विवेचना करने का भी आदेश दिया गया है।
विकास ख्ंाड नगरा के ग्राम पंचायत निकासी में मिट्टी कार्य एवं पंचायत भवन के प्रांगण में पक्का कार्य कराने के लिए एक लाख से अधिक का धन भेजा गया। लेकिन इस कार्य को कराए बिना ही ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ने धन का बंदरबांट कर लिया। जब इस मामले की शिकायत गांव के ही लालचंद ने खंड विकास अधिकारी से की तो इस प्रकरण का जांच कराने के बाद मामला सही पाते हुए खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा। लेकिन नियत समय के भीतर इस मामले में कारण नहीं बताया गया। इस मामले में बीडीओ नगरा ने पुन: पत्र भेजकर ग्राम पंचायत अधिकारी एवं निकासी के ग्राम प्रधान से कहा कि स्पष्टीकरण नहीं मिलने की दशा में ऐसा माना जाता है कि आपको कुछ भी नहीं कहना है लिहाजा आपसे अपव्यय की गई धनराशि करीब एक लाख 2960 रुपये ग्राम पंचायत के मनरेगा खाते में जमा कराकर बैंक की रसीद उनके अवलोकनार्थ प्रेषित किया जाय।
इस मामले में गांव के लालचंद ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 156(3)के तहत आवेदन दाखिल करके आरोप लगाया है कि प्रधान के खिलाफ गबन का मामला होने के बावजूद खंड विकास अधिकारी ने उन पर मात्र वसूली की नोटिस भेजा है, जो अवैधानिक है। पुलिस से कोई न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए थानाध्यक्ष नगरा को आदेशित किया है कि प्रस्तुत प्रकरण में पहले से कोई मुकदमा दर्ज न हो तो केस दर्ज कर विवेचना करें।
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विकास ख्ंाड नगरा के ग्राम पंचायत निकासी में मिट्टी कार्य एवं पंचायत भवन के प्रांगण में पक्का कार्य कराने के लिए एक लाख से अधिक का धन भेजा गया। लेकिन इस कार्य को कराए बिना ही ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ने धन का बंदरबांट कर लिया। जब इस मामले की शिकायत गांव के ही लालचंद ने खंड विकास अधिकारी से की तो इस प्रकरण का जांच कराने के बाद मामला सही पाते हुए खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा। लेकिन नियत समय के भीतर इस मामले में कारण नहीं बताया गया। इस मामले में बीडीओ नगरा ने पुन: पत्र भेजकर ग्राम पंचायत अधिकारी एवं निकासी के ग्राम प्रधान से कहा कि स्पष्टीकरण नहीं मिलने की दशा में ऐसा माना जाता है कि आपको कुछ भी नहीं कहना है लिहाजा आपसे अपव्यय की गई धनराशि करीब एक लाख 2960 रुपये ग्राम पंचायत के मनरेगा खाते में जमा कराकर बैंक की रसीद उनके अवलोकनार्थ प्रेषित किया जाय।
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इस मामले में गांव के लालचंद ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 156(3)के तहत आवेदन दाखिल करके आरोप लगाया है कि प्रधान के खिलाफ गबन का मामला होने के बावजूद खंड विकास अधिकारी ने उन पर मात्र वसूली की नोटिस भेजा है, जो अवैधानिक है। पुलिस से कोई न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए थानाध्यक्ष नगरा को आदेशित किया है कि प्रस्तुत प्रकरण में पहले से कोई मुकदमा दर्ज न हो तो केस दर्ज कर विवेचना करें।
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