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तो एेसे की जाती है खाद्यान्न की खरीदारी
Ballia
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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बलिया। एफसीआई के खाद्यान्न खरीद के अनियमितता के खेल में सहकारी समितियों को हर साल लाखों का चूना लग रहा है। इसके लिए न तो कोई पूछनेवाला है और न ही सुनने वाला। कहीं सुनवाई नहीं होने पर समितियों के पीड़ित कर्मचारियों ने अपनी व्यथा विधायक गोरख पासवान के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर अपर जिलाधिकारी रामसजीवन से सुनाई।
इस बाबत उनका कहना था कि एक कुंतल खाद्यान्न पर उन्हें पांच रुपये के करीब पल्लेदारी मिलती है जबकि कुल खर्च 32 रुपये कुंतल उन्हें अपने सहकारी समिति के पास से खर्च करना होता है। ऐसे में उन्हें हर साल लाखों रुपये का नुकसान सहना पड़ रहा है। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं साधन सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर क्षेत्रीय विधायक गोरख पासवान के साथ अपर जिलाधिकारी रामसजीवन से मिले। इस दौरान बातचीत में उन्हाेंने बताया कि उन्हें पल्लेदारी एवं तौलाई के नाम पर मात्र 5.12 रुपये ही मिलते हैं। जबकि एफसीआई के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की उदासीनता से प्रति कुंतल पर 32 रुपये के हिसाब से खर्च करना पड़ता है। जो समितियों के पास से नुकसान हो रहा है। एक ट्रक खाद्यान्न बलिया लाने के बाद डैमरेज चार्ज के रूप में 1500 रुपये देने पड़ते हैं। एफसीआई के गोदाम पर ट्रकों की लंबी कतार लगने के चलते 20 से 25 दिन तक ट्रकों को खड़ा रखने पर समितियों को काफी नुकसान सहना पड़ता है। गेहूं खरीद के लिए प्रति कुंतल 32 रुपये निर्धारित किया गया था। लेकिन 28 रुपये ही दिया गया।
गेहूं में नमी दिखाकर एक-एक समिति से 20-20 हजार रुपए काट लिए गए। इस तरह हर साल समितियों को नुकसान उठाना पड़ता है। एडीएम से बातचीत के दौरान विधायक गोरख पासवान ने सही ढंग से मामले का निस्तारण करने के लिए कहा। इस मौके पर योगेंद्र नाथ पांडेय, ब्रह्मदेव प्रसाद, लालजी चौरसिया, रामलखन सिंह, विनोद कुमार, आत्मा राय, सुदर्शन सिंह, शंभू नाथ चौधरी, शिवजी सिंह, विजय कुमार चौधरी, कन्हैया गुप्त आदि लोग मौजूद रहे।
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इस बाबत उनका कहना था कि एक कुंतल खाद्यान्न पर उन्हें पांच रुपये के करीब पल्लेदारी मिलती है जबकि कुल खर्च 32 रुपये कुंतल उन्हें अपने सहकारी समिति के पास से खर्च करना होता है। ऐसे में उन्हें हर साल लाखों रुपये का नुकसान सहना पड़ रहा है। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं साधन सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर क्षेत्रीय विधायक गोरख पासवान के साथ अपर जिलाधिकारी रामसजीवन से मिले। इस दौरान बातचीत में उन्हाेंने बताया कि उन्हें पल्लेदारी एवं तौलाई के नाम पर मात्र 5.12 रुपये ही मिलते हैं। जबकि एफसीआई के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की उदासीनता से प्रति कुंतल पर 32 रुपये के हिसाब से खर्च करना पड़ता है। जो समितियों के पास से नुकसान हो रहा है। एक ट्रक खाद्यान्न बलिया लाने के बाद डैमरेज चार्ज के रूप में 1500 रुपये देने पड़ते हैं। एफसीआई के गोदाम पर ट्रकों की लंबी कतार लगने के चलते 20 से 25 दिन तक ट्रकों को खड़ा रखने पर समितियों को काफी नुकसान सहना पड़ता है। गेहूं खरीद के लिए प्रति कुंतल 32 रुपये निर्धारित किया गया था। लेकिन 28 रुपये ही दिया गया।
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गेहूं में नमी दिखाकर एक-एक समिति से 20-20 हजार रुपए काट लिए गए। इस तरह हर साल समितियों को नुकसान उठाना पड़ता है। एडीएम से बातचीत के दौरान विधायक गोरख पासवान ने सही ढंग से मामले का निस्तारण करने के लिए कहा। इस मौके पर योगेंद्र नाथ पांडेय, ब्रह्मदेव प्रसाद, लालजी चौरसिया, रामलखन सिंह, विनोद कुमार, आत्मा राय, सुदर्शन सिंह, शंभू नाथ चौधरी, शिवजी सिंह, विजय कुमार चौधरी, कन्हैया गुप्त आदि लोग मौजूद रहे।
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