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किसानों के पंजीयन में फंसा है पेंच
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:33 PM IST
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बलिया। कृषि यंत्रों, बीज आदि के लिए पंजीकरण को लेकर सीमावर्ती किसान भटक रहे हैं। बताया जाता है कि सीमावर्ती इलाकों में कई किसानों की जमीन जिले के अलावा नजदीकी जिले में भी है लेकिन आधार कार्ड का एक बार प्रयोग होने के कारण दूसरे जिले की जमीनों के लिए बीज आदि को पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
बतौर उदाहरण गाजीपुर जनपद की सीमा के पास जिले का गांव नारायनपुर, दुलारपुर, टुटुवारी, मेड़वरा आदि गांव हैं। इन गांवों के किसानों की खेती जिले के अलावा सीमावर्ती जनपद गाजीपुर में भी है। लेकिन इन किसानों को पर्याप्त बीज, कीटनाशक आदि का लाभ नहीं मिल पाता है क्योंकि एक ही आधार से दो जिलों में पंजीकरण नहीं हो पाता है। नारायनपुर गांव निवासी रामजी राय, गोविंद जी राय आदि ने बताया कि दूसरे जिले में बीज आदि के लिए पंजीकरण कराने की स्थिति में यह सूचना प्रदर्शित होती है कि आपके आधार का प्रयोग हो चुका है। ऐसे में खासकर बड़े किसान उत्तम किस्म के बीज पाने से वंचित रह जाते हैं और मजबूर होकर बाजारों से महंगे दामों पर खरीद कर बुआई करते हैं। इसी तरह जिले के कई सीमावर्ती ब्लाक के गांवों की भी स्थिति है और उनका पंजीकरण एक ब्लॉक में होने के बाद दूसरे ब्लॉक में नहीं हो पाता है। इसके चलते जिले के हजारों किसान बीज आदि पर अनुदान की सुविधा से वंचित हो जाते हैं।
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बतौर उदाहरण गाजीपुर जनपद की सीमा के पास जिले का गांव नारायनपुर, दुलारपुर, टुटुवारी, मेड़वरा आदि गांव हैं। इन गांवों के किसानों की खेती जिले के अलावा सीमावर्ती जनपद गाजीपुर में भी है। लेकिन इन किसानों को पर्याप्त बीज, कीटनाशक आदि का लाभ नहीं मिल पाता है क्योंकि एक ही आधार से दो जिलों में पंजीकरण नहीं हो पाता है। नारायनपुर गांव निवासी रामजी राय, गोविंद जी राय आदि ने बताया कि दूसरे जिले में बीज आदि के लिए पंजीकरण कराने की स्थिति में यह सूचना प्रदर्शित होती है कि आपके आधार का प्रयोग हो चुका है। ऐसे में खासकर बड़े किसान उत्तम किस्म के बीज पाने से वंचित रह जाते हैं और मजबूर होकर बाजारों से महंगे दामों पर खरीद कर बुआई करते हैं। इसी तरह जिले के कई सीमावर्ती ब्लाक के गांवों की भी स्थिति है और उनका पंजीकरण एक ब्लॉक में होने के बाद दूसरे ब्लॉक में नहीं हो पाता है। इसके चलते जिले के हजारों किसान बीज आदि पर अनुदान की सुविधा से वंचित हो जाते हैं।
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