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बलिया नगर पालिका का मतदान प्रतिशत है सोचनीय
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:10 PM IST
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बलिया। नगर निकाय चुनाव को लेकर इस बार जनपद में 60 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई है। इसको लेकर जिला प्रशासन भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा है लेकिन कई निकाय ऐसे हैं जहां पर मतदान प्रतिशत उम्मीद से कम हुए हैं। बलिया नगर पालिका जहां जिला मुख्यालय है, वहीं पर यह प्रतिशत 50 फीसदी से कम रहा।
निकाय चुनाव के तहत रविवार को जिले के दो नगर पालिका व आठ नगर पंचायतों में मतदान हुआ। कुल 60.26 फीसदी मतदान हुआ जो पिछले चुनावों की अपेक्षा काफी अधिक है। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी अपनी पीठ भी थपथपा रहे हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। औसत प्रतिशत पर नजर डालें तो करीब 40 फीसदी मतदाताओं ने मतदान नहीं किया है। सवाल यह है कि आखिर इन मतदाताओं ने मतदान क्यों नहीं किया जबकि इस बार राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से बैलेट में नोटा का भी इंतजाम किया गया था। चुनावों में अधिक से अधिक मतदान के लिए आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से मतदाता सूची संशोधन का कार्य कराया गया लेकिन इसमें भी खूब गड़बड़झाला हुआ। आलम यह रहा कि सूची में आज भी गैर स्थानों पर रहने वाले और मृतकों का नाम शामिल है। इसके अलावा जागरुकता कार्यक्रम को लेकर सिर्फ कोरम ही पूरा किया गया।
दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नगर पालिका क्षेत्र में सबसे कम 46.63 फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा मतदान के दौरान सूची से नाम गायब होने को लेकर भी कई जगह विवाद हुआ। यह प्रशासन के दावे की पोल खोलने के लिए काफी है। बताया जाता है कि मतदाता सूची को सही तरीके से तैयार किया गया होता और आपत्तियों पर सुनवाई की गई होती तो निश्चित ही मतदान प्रतिशत अधिक होता। एक ओर जहां जिले का 60.26 मतदान प्रतिशत जहां अफसरों को राहत दे रहा है, वही बलिया नगर पालिका का सबसे कम 46.63 मतदान प्रतिशत सोचने को मजबूर भी कर रहा है।
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निकाय चुनाव के तहत रविवार को जिले के दो नगर पालिका व आठ नगर पंचायतों में मतदान हुआ। कुल 60.26 फीसदी मतदान हुआ जो पिछले चुनावों की अपेक्षा काफी अधिक है। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी अपनी पीठ भी थपथपा रहे हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। औसत प्रतिशत पर नजर डालें तो करीब 40 फीसदी मतदाताओं ने मतदान नहीं किया है। सवाल यह है कि आखिर इन मतदाताओं ने मतदान क्यों नहीं किया जबकि इस बार राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से बैलेट में नोटा का भी इंतजाम किया गया था। चुनावों में अधिक से अधिक मतदान के लिए आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से मतदाता सूची संशोधन का कार्य कराया गया लेकिन इसमें भी खूब गड़बड़झाला हुआ। आलम यह रहा कि सूची में आज भी गैर स्थानों पर रहने वाले और मृतकों का नाम शामिल है। इसके अलावा जागरुकता कार्यक्रम को लेकर सिर्फ कोरम ही पूरा किया गया।
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दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नगर पालिका क्षेत्र में सबसे कम 46.63 फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा मतदान के दौरान सूची से नाम गायब होने को लेकर भी कई जगह विवाद हुआ। यह प्रशासन के दावे की पोल खोलने के लिए काफी है। बताया जाता है कि मतदाता सूची को सही तरीके से तैयार किया गया होता और आपत्तियों पर सुनवाई की गई होती तो निश्चित ही मतदान प्रतिशत अधिक होता। एक ओर जहां जिले का 60.26 मतदान प्रतिशत जहां अफसरों को राहत दे रहा है, वही बलिया नगर पालिका का सबसे कम 46.63 मतदान प्रतिशत सोचने को मजबूर भी कर रहा है।
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