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राज्यकर्मचारियों ने भरी हुंकार, दिखाई ताकत
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:23 PM IST
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बलिया। विभिन्न मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ के तत्वाधान में राज्य कर्मचारियोें ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
महासंघ के जिलाध्यक्ष बलवंत कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती हुई महंगाई एवं समय-समय पर आने वाली आर्थिक कठिनाइयों के दौर से कर्मचारियों शिक्षकों को गुजरन पड़ा है। कहा कि नई पेंशन नीति में कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी रुपी सुविधा के समाप्त समाप्त होने से भविष्य अंधकार में चला गया है। सातवें वेतन की अनुशंसा से कर्मचारी शिक्षकों का कहीं से कोई भला नहीं होने वाला है। कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने नई पेंशन नीति को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने, 50 वर्ष की सेवा के उपरांत सेवानिवृत्ति के आदेश को निरस्त करने, वेतन विसंगति को समाप्त करने, सचिवालय कर्मचारियों की तरह समान कार्य के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाले समस्त सुविधाएं राज्य कर्मचारियों तथा अन्य कर्मचारियों को भी दिया जाए।
कर्मचारियों ने चरित्र पंजिका की प्रविष्टि की प्रवेश प्रक्त्रिस्या को समाप्त करने, समस्त विभागों में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने, सभी वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए देने, वेतन का भुगतान महीने की पहली तारीख को करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को राज्य कर्मचारी घोषित करने आदि की मांग की। इस मौके पर राजेश कुमार पांडेय, हीरालाल चौरसिया, कौशल उपाध्याय, अविनाश उपाध्याय, अनिल सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजय चौबे, चंद्रशेखर यादव, हर्षदेव, गणेश पांडेय, विनोद सिंह, अरुण अरुण सिंह आदि थे।
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महासंघ के जिलाध्यक्ष बलवंत कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती हुई महंगाई एवं समय-समय पर आने वाली आर्थिक कठिनाइयों के दौर से कर्मचारियों शिक्षकों को गुजरन पड़ा है। कहा कि नई पेंशन नीति में कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी रुपी सुविधा के समाप्त समाप्त होने से भविष्य अंधकार में चला गया है। सातवें वेतन की अनुशंसा से कर्मचारी शिक्षकों का कहीं से कोई भला नहीं होने वाला है। कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने नई पेंशन नीति को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने, 50 वर्ष की सेवा के उपरांत सेवानिवृत्ति के आदेश को निरस्त करने, वेतन विसंगति को समाप्त करने, सचिवालय कर्मचारियों की तरह समान कार्य के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाले समस्त सुविधाएं राज्य कर्मचारियों तथा अन्य कर्मचारियों को भी दिया जाए।
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कर्मचारियों ने चरित्र पंजिका की प्रविष्टि की प्रवेश प्रक्त्रिस्या को समाप्त करने, समस्त विभागों में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने, सभी वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए देने, वेतन का भुगतान महीने की पहली तारीख को करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को राज्य कर्मचारी घोषित करने आदि की मांग की। इस मौके पर राजेश कुमार पांडेय, हीरालाल चौरसिया, कौशल उपाध्याय, अविनाश उपाध्याय, अनिल सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजय चौबे, चंद्रशेखर यादव, हर्षदेव, गणेश पांडेय, विनोद सिंह, अरुण अरुण सिंह आदि थे।
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