{"_id":"5b843fa242c79246300f660f","slug":"71535393698-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधार कार्ड बनाने के मामले में मुख्य डाकघर उदासीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधार कार्ड बनाने के मामले में मुख्य डाकघर उदासीन
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:17 AM IST
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बलिया। चाहे सरकारी काम हो या फिर प्राइवेट, मौजूदा समय में आधार कार्ड अनिवार्य हो गया है। इसी को देखते हुए इसे बनाने की व्यवस्था डाकघरों को सौंपी गई है। लेकिन बलिया मुख्य डाकघर इस मामले में एकदम से उदासीन है। आलम यह है कि कोई 20 तो कोई 40 किमी की दूरी तय कर आधार कार्ड बनाने या फिर संशोधन कराने के लिए जिला मुख्यालय मुख्य डाकघर पहुंचा है, लेकिन यहां आने के बाद उसे पहले घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। फिर बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। क्योंकि आधार कार्ड वाले काउंटर के कर्मचारी हमेशा काफूर रह रहे हैं। ऐसे में इसे लेकर दूरदराज से आ रहे युवाओं तथा बुजुर्गों में जहां आक्रोश है। वहीं लोगों को फिजूल खर्ची वहन करने के साथ ही उनका वक्त भी जाया हो रहा है। चितबड़ागांव निवासी आनंद प्रसाद का कहना है कि मैं पिछले चार रोज से आधार कार्ड बनाने के लिए मुख्य डाकघर आ रहा हूं। सुबह मैं आठ बजे से आकर लाइन लगाता हूं, इसके बाद इंतजार करता हूं कि अब आधार कार्ड का काउंटर खुलेगा, लेकिन चार दिन से एक भी दिन काउंटर खुला नहीं है। ऐेसे में मेरा आधार कार्ड बन नहीं पा रहा है और मुझे रोजाना वापस जाना पड़ रहा है।
चितबड़ागांव निवासी अनिकेत गुप्ता का कहना है कि मैं आधार कार्ड बनाने के लिए एक सप्ताह से मुख्य डाकघर आ रहा हूं, लेकिन मेरा आधार कार्ड बनता नहीं है। सुबह से ही काउंटर खुलने के इंतजार में खड़ा रहता हूं। लेकिन दिनभर में एक घंटे के लिए भी काउंटर नहीं खुलता है। ऐसे में अब मैं क्या करूं, कहां जाऊं। समझ में नहीं आ रहा है।
बांसडीह निवासी ओमप्रकाश वर्मा किसी भी काम में जाऊं तो वहां आधार कार्ड को गलत बताया जा रहा है, क्योंकि मेरे आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत अंकित है। ऐसे में मैं आज पांच दिनों से अपना आधार संशोधन कराने के लिए मुख्य डाकघर का चक्कर काट रहा हूं। लेकिन हो नहीं पा रहा है।
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बांसडीहरोड निवासी सचिन कुमार यादव का कहना है कि मैं अपना आधार कार्ड बनाने के लिए रोज बांसडीहरोड से मुख्य डाकघर आ रहा हूं। लेकिन यहां आने के बाद रोज काउंटर बंद मिल रहा है। ऐसे में मैं अपनी पढ़ाई, ट्यूशन छोड़कर रोज आधार कार्ड बनाने के लिए आ रहा हूं। लेकिन यहां आने के बाद काउंटर बंद मिल रहा है।
मुख्य डाकघर में आधार कार्ड पंजीकरण तथा संशोधन का कार्य चल रहा है। कभी-कभी कर्मचारी काउंटर छोड़कर कहीं जाते होंगे। काउंटर से कर्मचारी के गायब रहने की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। इस समस्या का जल्द ही समाधान कराता हूं। - बिशांत, मुख्य डाक अधीक्षक
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चितबड़ागांव निवासी अनिकेत गुप्ता का कहना है कि मैं आधार कार्ड बनाने के लिए एक सप्ताह से मुख्य डाकघर आ रहा हूं, लेकिन मेरा आधार कार्ड बनता नहीं है। सुबह से ही काउंटर खुलने के इंतजार में खड़ा रहता हूं। लेकिन दिनभर में एक घंटे के लिए भी काउंटर नहीं खुलता है। ऐसे में अब मैं क्या करूं, कहां जाऊं। समझ में नहीं आ रहा है।
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बांसडीह निवासी ओमप्रकाश वर्मा किसी भी काम में जाऊं तो वहां आधार कार्ड को गलत बताया जा रहा है, क्योंकि मेरे आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत अंकित है। ऐसे में मैं आज पांच दिनों से अपना आधार संशोधन कराने के लिए मुख्य डाकघर का चक्कर काट रहा हूं। लेकिन हो नहीं पा रहा है।
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बांसडीहरोड निवासी सचिन कुमार यादव का कहना है कि मैं अपना आधार कार्ड बनाने के लिए रोज बांसडीहरोड से मुख्य डाकघर आ रहा हूं। लेकिन यहां आने के बाद रोज काउंटर बंद मिल रहा है। ऐसे में मैं अपनी पढ़ाई, ट्यूशन छोड़कर रोज आधार कार्ड बनाने के लिए आ रहा हूं। लेकिन यहां आने के बाद काउंटर बंद मिल रहा है।
मुख्य डाकघर में आधार कार्ड पंजीकरण तथा संशोधन का कार्य चल रहा है। कभी-कभी कर्मचारी काउंटर छोड़कर कहीं जाते होंगे। काउंटर से कर्मचारी के गायब रहने की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। इस समस्या का जल्द ही समाधान कराता हूं। - बिशांत, मुख्य डाक अधीक्षक