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पशु मेले की आड़ में तस्करी, एसपी ने लिया जायजा
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:52 PM IST
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बलिया। भरौली पशु मेले से हो रही पशु तस्करी की शिकायत पर शुक्रवार की देर शाम एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने भरौली गंगा पुल का जायजा लिया। भरौली चौराहे पर पुलिसकर्मियों से जानकारी ली और पशु चिकित्सा कैंप के बारे में भी पूछा। इसको लेकर पुलिस विभाग के साथ ही पशु तस्करों में खलबली मची है।
हर साल की तरह इस साल भी चैत्र रामनवमी के मौके पर जिला पंचायत की ओर से नरहीं थाना क्षेत्र के भरौली गांव में पशु मेला का आयोजन किया गया है। हालांकि जिला पंचायत की ओर से मेला के संचालन के लिए बतौर व्यवस्थापक को जिम्मेदारी दी गई है। पशु और अन्य तस्करी के लिए कुख्यात भरौली गंगा पुल से महज एक किमी की दूरी पर लगने वाला यह मेला पशु तस्करों के लिए काफी मुफीद हो जाता है। इसकी शिकायत मिलने पर शुक्रवार की देर शाम को पुलिस अधीक्षक भरौली चौराहे पर पहुंचीं और गंगा पुल पर जाकर जायजा लिया। कुछ देर रुकने के बाद मेला की ओर से स्थापित चौकी को देखा और लौट कर भरौली चौराहे पर आकर पुलिस कर्मियों से पूरी जानकारी ली। एसपी ने पुलिसकर्मियों से सीमा पर पशु चिकित्सा विभाग की ओर से स्थापित होने वाले मेला कैंप के बाबत भी पूछा। पुलिसकर्मियों ने बताया कि इस तरह का कोई कैंप यहां स्थापित नहीं है। सूत्रों की मानें तो गैर प्रांत मवेशियों को ले जाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से ट्रांजिट परमिट की व्यवस्था जारी करने का प्रावधान है लेकिन भरौली मेले से पशुओं को मनमानी तरीके से बिहार ले जाने का काम किया जा रहा है, जो पशु तस्करी के दायरे में आता है।
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पशु मेला से मवेशियों को बिहार ले जाने के लिए नियमों का पालन कराने के लिए नरहीं पुलिस को अवगत कराया गया है। बगैर ट्रांजिट परमिट बने मवेशियों के पारगमन व सीसीटीवी कैमरे एंगल के मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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- मो. अनीस, क्षेत्राधिकारी, सदर, बलिया
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हर साल की तरह इस साल भी चैत्र रामनवमी के मौके पर जिला पंचायत की ओर से नरहीं थाना क्षेत्र के भरौली गांव में पशु मेला का आयोजन किया गया है। हालांकि जिला पंचायत की ओर से मेला के संचालन के लिए बतौर व्यवस्थापक को जिम्मेदारी दी गई है। पशु और अन्य तस्करी के लिए कुख्यात भरौली गंगा पुल से महज एक किमी की दूरी पर लगने वाला यह मेला पशु तस्करों के लिए काफी मुफीद हो जाता है। इसकी शिकायत मिलने पर शुक्रवार की देर शाम को पुलिस अधीक्षक भरौली चौराहे पर पहुंचीं और गंगा पुल पर जाकर जायजा लिया। कुछ देर रुकने के बाद मेला की ओर से स्थापित चौकी को देखा और लौट कर भरौली चौराहे पर आकर पुलिस कर्मियों से पूरी जानकारी ली। एसपी ने पुलिसकर्मियों से सीमा पर पशु चिकित्सा विभाग की ओर से स्थापित होने वाले मेला कैंप के बाबत भी पूछा। पुलिसकर्मियों ने बताया कि इस तरह का कोई कैंप यहां स्थापित नहीं है। सूत्रों की मानें तो गैर प्रांत मवेशियों को ले जाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से ट्रांजिट परमिट की व्यवस्था जारी करने का प्रावधान है लेकिन भरौली मेले से पशुओं को मनमानी तरीके से बिहार ले जाने का काम किया जा रहा है, जो पशु तस्करी के दायरे में आता है।
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पशु मेला से मवेशियों को बिहार ले जाने के लिए नियमों का पालन कराने के लिए नरहीं पुलिस को अवगत कराया गया है। बगैर ट्रांजिट परमिट बने मवेशियों के पारगमन व सीसीटीवी कैमरे एंगल के मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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- मो. अनीस, क्षेत्राधिकारी, सदर, बलिया