{"_id":"5a73547d4f1c1bb2208b6a8e","slug":"61517507709-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकलविहीन परीक्षा कराना चुनौती भरा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकलविहीन परीक्षा कराना चुनौती भरा काम
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। बोर्ड परीक्षा को लेकर रसड़ा, बेल्थरारोड, भीमपुरा और नगरा इलाका अतिसंवेदनशील माने गए है। जनपद के सर्वाधिक संवेदनशील स्कूल इन्हीं इलाको में है। ऐसे में यहां नकलविहीन परीक्षा कराना विभाग और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगा। हालांकि प्रशासन ने इस बार स्टेटिक, जोनल व सुपर जोनल मजिस्ट्रेट तैनात करने का निर्णय लिया है।
जनपद के रसड़ा, बेल्थरारोड, भीमपुरा व नगरा में नकल अधिक होती है। हालांकि इस पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग ने चाक-चौबंद तैयारी की है। डीआईओएस की मानें तो जिले के 35 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील व 58 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील के दायरे में रखा है जो अधिकांश इन्हीं इलाकों में हैं। अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा फोर्स की भी तैनाती रहेगी। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए छह जोनल, चार सुपर जोनल व पांच सचल दस्ते बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान सचल दस्तों को सुबह क्षेत्र की जानकारी दी जाएगी ताकि गोपनीयता बनी रहे।
रसड़ा संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र में नकल माफियाओं का बोलबाला है। बीते सालों में परीक्षा पूर्व ही पेपर आउट व प्रश्नपत्र की हल कापियां परीक्षा से पूर्व मिलने की कई घटनाएं इलाके में हो चुकी हैं। हालांकि इस बार प्रशासन ने विद्यालयों को चिह्नित व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त वयवस्था करने की तैयारी की है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा 12 विद्यालय अतिसंवेदनशील व 14 विद्यालय संवेदनशील के दायरे में रखे गए हैं। सबसे ज्यादा नगरा में 10 विद्यालय अतिसंवेदनशील व सात विद्यालय संवेदनशील हैं। रसड़ा में एक विद्यालय अतिसंवेदनशील है तथा पांच विद्यालय संवेदनशील हैं। इसके अलावा चिलकहर में एक विद्यालय अतिसंवेदनशील व दो विद्यालय संवेदनशील हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद के रसड़ा, बेल्थरारोड, भीमपुरा व नगरा में नकल अधिक होती है। हालांकि इस पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग ने चाक-चौबंद तैयारी की है। डीआईओएस की मानें तो जिले के 35 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील व 58 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील के दायरे में रखा है जो अधिकांश इन्हीं इलाकों में हैं। अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा फोर्स की भी तैनाती रहेगी। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए छह जोनल, चार सुपर जोनल व पांच सचल दस्ते बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान सचल दस्तों को सुबह क्षेत्र की जानकारी दी जाएगी ताकि गोपनीयता बनी रहे।
विज्ञापन
रसड़ा संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र में नकल माफियाओं का बोलबाला है। बीते सालों में परीक्षा पूर्व ही पेपर आउट व प्रश्नपत्र की हल कापियां परीक्षा से पूर्व मिलने की कई घटनाएं इलाके में हो चुकी हैं। हालांकि इस बार प्रशासन ने विद्यालयों को चिह्नित व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त वयवस्था करने की तैयारी की है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा 12 विद्यालय अतिसंवेदनशील व 14 विद्यालय संवेदनशील के दायरे में रखे गए हैं। सबसे ज्यादा नगरा में 10 विद्यालय अतिसंवेदनशील व सात विद्यालय संवेदनशील हैं। रसड़ा में एक विद्यालय अतिसंवेदनशील है तथा पांच विद्यालय संवेदनशील हैं। इसके अलावा चिलकहर में एक विद्यालय अतिसंवेदनशील व दो विद्यालय संवेदनशील हैं।
विज्ञापन