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जनता के मन से नौकरशाही का भय दूर करें जनप्रतिनिधि
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:10 PM IST
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दुबहर। स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवां में सोमवार को लोकतंत्र में जनता के हालात विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें देश की लोकतांत्रिक प्रणाली और जनता के अधिकारों पर गंभीर बहस और चर्चा हुई।
मंगल पांडेय विचार मंच के संरक्षक डॉ. हरे राम ने कहा कि लोकतंत्र के वर्तमान समय में जनता कहने को मालिक है। लेकिन नौकरशाही जिस तरह जनता के ऊपर अपना प्रभाव बनाए हुए हैं, इसको देख कर ऐसा लगता है कि नौकरशाही ही मालिक है और जनता नौकर। इस परंपरा को बदलने के लिए सरकारों को कार्य करना होगा, तभी जाकर लोकतंत्र की सच्ची परिभाषा से लोगों को अवगत कराया जा सकता है। मंच के अध्यक्ष केके पाठक ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने वीआईपी कल्चर समाप्त कर यह संदेश देने का काम किया कि लोकतांत्रिक देश में सब बराबर है। उपाध्यक्ष अंजनी सिंह ने कहा कि आज नौकरशाही जिस तरीके से जनता के मन में नौकरशाही का डर पैदा हो गया है, इसे दूर करने के लिए राज्य तथा केंद्र सरकार को ही पहल करना होगी है। तभी जाकर जनता के मन से इन अधिकारी कर्मचारियों और नौकरशाहों के कर्त्तव्य बोध कराने के लिए जनता में उत्साह का संचार होगा। ऊपर अपने प्रभाव से शासन कर रही है। कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए चुने हुए पहलुओं की कमी भी साफ दिखाई दे रही है। जो किसी तरह चुनाव तो जीत जाते हैं। बैठक में मुख्य रूप से से धुरूप सिह ,पन्नालाल गुप्ता, अरुण कुमार गणेश जी अशोक मधुकर राजू मिश्रा अजय पांडेय विजय सिंह ध्रुव सिंह आदि लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता केके पाठक, संचालन नीतेश पाठक ने किया।
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मंगल पांडेय विचार मंच के संरक्षक डॉ. हरे राम ने कहा कि लोकतंत्र के वर्तमान समय में जनता कहने को मालिक है। लेकिन नौकरशाही जिस तरह जनता के ऊपर अपना प्रभाव बनाए हुए हैं, इसको देख कर ऐसा लगता है कि नौकरशाही ही मालिक है और जनता नौकर। इस परंपरा को बदलने के लिए सरकारों को कार्य करना होगा, तभी जाकर लोकतंत्र की सच्ची परिभाषा से लोगों को अवगत कराया जा सकता है। मंच के अध्यक्ष केके पाठक ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने वीआईपी कल्चर समाप्त कर यह संदेश देने का काम किया कि लोकतांत्रिक देश में सब बराबर है। उपाध्यक्ष अंजनी सिंह ने कहा कि आज नौकरशाही जिस तरीके से जनता के मन में नौकरशाही का डर पैदा हो गया है, इसे दूर करने के लिए राज्य तथा केंद्र सरकार को ही पहल करना होगी है। तभी जाकर जनता के मन से इन अधिकारी कर्मचारियों और नौकरशाहों के कर्त्तव्य बोध कराने के लिए जनता में उत्साह का संचार होगा। ऊपर अपने प्रभाव से शासन कर रही है। कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए चुने हुए पहलुओं की कमी भी साफ दिखाई दे रही है। जो किसी तरह चुनाव तो जीत जाते हैं। बैठक में मुख्य रूप से से धुरूप सिह ,पन्नालाल गुप्ता, अरुण कुमार गणेश जी अशोक मधुकर राजू मिश्रा अजय पांडेय विजय सिंह ध्रुव सिंह आदि लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता केके पाठक, संचालन नीतेश पाठक ने किया।
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