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दो लाख 50 हजार में बस कर गांव पहुंचे महाराष्ट्र से 55 मजदूर
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बांसडीहरोड। क्षेत्र के घघरौली गांव में बुधवार की सुबह महाराष्ट्र से बस से करीब 55 मजदूर ढाई लाख रुपये किराया खर्च कर गांव पहुंचे। गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों में कोरोना का भय सताने लगा।
बताया जा रहा है कि गांव के सैकड़ों मजदूर महाराष्ट्र में समुद्र से बालू निकालने का कार्य करते थे। लॉक डाउन में पैसे खत्म होने लगे, जिसके बाद मजदूरों ने एक बस ढाई लाख रुपये में किराये पर की। उससे बुधवार को अपने गांव पहुंचे। श्रमिक अशोक कुमार, रमेश, सुकूल, मुन्ना प्रसाद आदि ने बताया कि गांव से मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे। जिसके पांच दिन बाद ही लॉक डाउन हो गया जो पैसे बचे थे किराया जुटाकर गांव पहुंचे। कहा कि उनका यहां पर स्वास्थ्य जांच परीक्षण नहीं हुआ है। कहा कि वह गांव के बाहर एकांतवास में सभी मजदूर रहना चाहते हैं, लेकिन उनकी जांच कर क्वारंटीन कराया जाय। ग्रामीणों ने इसकी सूचना डीएम सहित उच्चाधिकारियों को दी। दुबहड़ बीडीओ दिनेश सिंह ने बताया कि जो लोग बाहर से गांव में आ रहे है, उनके लिए गांव में एक निगरानी समिति बनाई गई है। समिति के लोग बाहर से आने वाले लोगो की रिपोर्ट तैयार कर उच्चधिकारियों को अवगत कराएंगे। जिनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है, उनका कराया जाएगा। कहा कि जो लोग बाहर से रजिस्टर्ड होकर आ रहे हैं उनको होम क्वारंटीन होना है। वहीं जो भागकर गांव में आ रहे हैं उनके लिए गांव में निगरानी समिति बनाई गई है। उनके रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।
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बताया जा रहा है कि गांव के सैकड़ों मजदूर महाराष्ट्र में समुद्र से बालू निकालने का कार्य करते थे। लॉक डाउन में पैसे खत्म होने लगे, जिसके बाद मजदूरों ने एक बस ढाई लाख रुपये में किराये पर की। उससे बुधवार को अपने गांव पहुंचे। श्रमिक अशोक कुमार, रमेश, सुकूल, मुन्ना प्रसाद आदि ने बताया कि गांव से मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे। जिसके पांच दिन बाद ही लॉक डाउन हो गया जो पैसे बचे थे किराया जुटाकर गांव पहुंचे। कहा कि उनका यहां पर स्वास्थ्य जांच परीक्षण नहीं हुआ है। कहा कि वह गांव के बाहर एकांतवास में सभी मजदूर रहना चाहते हैं, लेकिन उनकी जांच कर क्वारंटीन कराया जाय। ग्रामीणों ने इसकी सूचना डीएम सहित उच्चाधिकारियों को दी। दुबहड़ बीडीओ दिनेश सिंह ने बताया कि जो लोग बाहर से गांव में आ रहे है, उनके लिए गांव में एक निगरानी समिति बनाई गई है। समिति के लोग बाहर से आने वाले लोगो की रिपोर्ट तैयार कर उच्चधिकारियों को अवगत कराएंगे। जिनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है, उनका कराया जाएगा। कहा कि जो लोग बाहर से रजिस्टर्ड होकर आ रहे हैं उनको होम क्वारंटीन होना है। वहीं जो भागकर गांव में आ रहे हैं उनके लिए गांव में निगरानी समिति बनाई गई है। उनके रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।
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