{"_id":"5cae3b85bdec221456012f94","slug":"51554922373-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो जर्जर भवन के साथ ही तोड़ दिया दो अन्य दुरुस्त कमरे व शौचालय भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो जर्जर भवन के साथ ही तोड़ दिया दो अन्य दुरुस्त कमरे व शौचालय भी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्दी। शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल का दो जर्जर भवन मंगलवार को सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बेलहरी की मौजूदगी में जेसीबी से तोड़वाया गया। हालांकि जब जेसीबी मशीन जर्जर कमरे को तोड़ने लगी तो मशीन की जद में आने दो दुरुस्त कमरे टूट गए। इस विद्यालय पर करीब तीन माह पहले से ही पठन-पाठन तो प्रभावित था ही अब मतदान स्थल की समस्या भी जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने आकर खड़ी हो गई है।
बताया जाता है कि प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल में कुल चार कमरे थे। 27 जनवरी की रात अचानक एक कमरे की दीवार व बीम गिर गया था, जबकि दूसरा कमरा भी मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं दो कमरे पूरी तरह दुरुस्त थे। उसी समय से बगल के एक निजी भवन में शिक्षण कार्य चल रहा है। ग्राम प्रधान बघऊच संतोष सिंह ने छह अप्रैल को जिलाधिकारी बलिया को पत्रक देकर अवगत कराया था कि प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल में दो भवन काफी जर्जर है और यह विद्यालय हमेशा मतदान केंद्र बनाया जाता है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी सदर अश्विनी कुमार श्रीवास्तव को मौके पर भेजा। सात अप्रैल को एसडीएम सदर ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। वहां पाया कि दो भवन जर्जर हैं, जबकि दो कमरे पूरी तरह दुरुस्त हैं। ग्राम प्रधान ने कहा कि उपजिलाधिकारी ने मौके पर ही कहा था कि दो कमरे ठीक हैं उसी में बूथ बनेगा। इसी बीच मंगलवार को सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बेलहरी ने अपने मौजूदगी में दोनों जर्जर कमरों को जेसीबी से तोड़वाना शुरू किया तो मशीन से तीन कमरे टूट गए और चौथा कमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस प्रकार चारों कमरे बेकार हो गए। इतना ही नहीं विद्यालय के किचन को भी जेसीबी ने तोड़ दिया है। ऐसे में बच्चों का पठन-पाठन तो प्रभावित था ही खाना बनाने व किचन का सामान रखने की भी समस्या खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए इस विद्यालय पर बूथ संख्या 63 व 64 बनाया गया था। अब जिला प्रशासन मतदान कहां कराएगा, यह समस्या आ खड़ी हो गई है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल में कुल चार कमरे थे। 27 जनवरी की रात अचानक एक कमरे की दीवार व बीम गिर गया था, जबकि दूसरा कमरा भी मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं दो कमरे पूरी तरह दुरुस्त थे। उसी समय से बगल के एक निजी भवन में शिक्षण कार्य चल रहा है। ग्राम प्रधान बघऊच संतोष सिंह ने छह अप्रैल को जिलाधिकारी बलिया को पत्रक देकर अवगत कराया था कि प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल में दो भवन काफी जर्जर है और यह विद्यालय हमेशा मतदान केंद्र बनाया जाता है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी सदर अश्विनी कुमार श्रीवास्तव को मौके पर भेजा। सात अप्रैल को एसडीएम सदर ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। वहां पाया कि दो भवन जर्जर हैं, जबकि दो कमरे पूरी तरह दुरुस्त हैं। ग्राम प्रधान ने कहा कि उपजिलाधिकारी ने मौके पर ही कहा था कि दो कमरे ठीक हैं उसी में बूथ बनेगा। इसी बीच मंगलवार को सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बेलहरी ने अपने मौजूदगी में दोनों जर्जर कमरों को जेसीबी से तोड़वाना शुरू किया तो मशीन से तीन कमरे टूट गए और चौथा कमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस प्रकार चारों कमरे बेकार हो गए। इतना ही नहीं विद्यालय के किचन को भी जेसीबी ने तोड़ दिया है। ऐसे में बच्चों का पठन-पाठन तो प्रभावित था ही खाना बनाने व किचन का सामान रखने की भी समस्या खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए इस विद्यालय पर बूथ संख्या 63 व 64 बनाया गया था। अब जिला प्रशासन मतदान कहां कराएगा, यह समस्या आ खड़ी हो गई है।
विज्ञापन