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धान खरीद की कवायद हुई तेज
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:29 AM IST
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बलिया। धान खरीद की कवायद तेज हो गई है। धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का सत्यापन कराया जा रहा है कि उनके खेतों में धान की फसल है या नहीं।
जिले में एक नवंबर से धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर शुरू होगी। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से कवायद तेज हो गई है। करीब चार दिनों पहले जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने बैठक कर धान खरीद में शामिल विभागों के अधिकारियों के पेंच भी कसे थे। लेकिन राजस्व विभाग की ओर से इसको लेकर सुस्ती जारी है और धान बेचने के लिए पंजीकरण करने वाले किसानों का सत्यापन काम धीमी गति से चल रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2017-18 में धान खरीद के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली की बात सामने आई थी। यहां तक कि राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी चितबड़ागांव स्थित एक क्रय केंद्र का जायजा लेने के बाद आरोप लगाया था कि जिन गांवों में धान की खेती नहीं होती वहां के किसानों से धान की खरीद की गई है। हालांकि जांच में अधिकारियों ने इस मामले में लीपापोती कर दी। इसके अलावा किसानों के नाम पर बिचौलिए से धान खरीदने के कई मामले सामने आए। इसको देखते हुए इस साल धान खरीद में व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पंजीकरण के बाद इन किसानों के फसलों का सत्यापन राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से कराया जा रहा है। हालांकि कुछ इलाकों में लेखपालों की ओर से सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। उधर, 20 दिनों बाद ही धान की खरीद किया जाना है लेकिन अभी भी सभी इलाकों में क्रय केंद्र का निर्धारण नहीं हो सका है। अब तक महज 28 क्रय केंद्र ही निर्धारित हो सके हैं। इसमें मार्केटिंग के 14, एग्रो के पांच, पीसीएफ के चार, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के चार व एफसीआई के एक केंद्र हैं। जिला विपणन अधिकारी की मानें तो केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया अभी चल रही है और इसकी संख्या भी बढ़ेगी। जबकि वर्ष 2017-18 में जिले में कुल 89 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे।
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इनसेट...
धान खरीद को लेकर किसानों की ओर से किए गए ऑनलाइन पंजीकरण का सत्यापन राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से की जा रही है। धान क्रय केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है और जल्द ही इसे तय कर दिया जाएगा।
नरेंद्र तिवारी
जिला विपणन अधिकारी, बलिया
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जिले में एक नवंबर से धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर शुरू होगी। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से कवायद तेज हो गई है। करीब चार दिनों पहले जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने बैठक कर धान खरीद में शामिल विभागों के अधिकारियों के पेंच भी कसे थे। लेकिन राजस्व विभाग की ओर से इसको लेकर सुस्ती जारी है और धान बेचने के लिए पंजीकरण करने वाले किसानों का सत्यापन काम धीमी गति से चल रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2017-18 में धान खरीद के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली की बात सामने आई थी। यहां तक कि राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी चितबड़ागांव स्थित एक क्रय केंद्र का जायजा लेने के बाद आरोप लगाया था कि जिन गांवों में धान की खेती नहीं होती वहां के किसानों से धान की खरीद की गई है। हालांकि जांच में अधिकारियों ने इस मामले में लीपापोती कर दी। इसके अलावा किसानों के नाम पर बिचौलिए से धान खरीदने के कई मामले सामने आए। इसको देखते हुए इस साल धान खरीद में व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
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धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पंजीकरण के बाद इन किसानों के फसलों का सत्यापन राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से कराया जा रहा है। हालांकि कुछ इलाकों में लेखपालों की ओर से सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। उधर, 20 दिनों बाद ही धान की खरीद किया जाना है लेकिन अभी भी सभी इलाकों में क्रय केंद्र का निर्धारण नहीं हो सका है। अब तक महज 28 क्रय केंद्र ही निर्धारित हो सके हैं। इसमें मार्केटिंग के 14, एग्रो के पांच, पीसीएफ के चार, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के चार व एफसीआई के एक केंद्र हैं। जिला विपणन अधिकारी की मानें तो केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया अभी चल रही है और इसकी संख्या भी बढ़ेगी। जबकि वर्ष 2017-18 में जिले में कुल 89 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे।
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धान खरीद को लेकर किसानों की ओर से किए गए ऑनलाइन पंजीकरण का सत्यापन राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से की जा रही है। धान क्रय केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है और जल्द ही इसे तय कर दिया जाएगा।
नरेंद्र तिवारी
जिला विपणन अधिकारी, बलिया