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50 जर्जर मकान जान लेने को खडे़ हैं सीना तान

Wed, 09 Feb 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 11:33 PM IST
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50 dilapidated houses are standing to kill
बलिया। नगर में करीब पचास से अधिक भवन जर्जर हो चुके हैं। इनसे हादसे की आशंका है। हालांकि इस वर्ष नगर पालिका प्रशासन की ओर से जर्जर भवनों का चिह्निकरण नहीं कराया गया है। लेकिन पूर्व में हुए सर्वे के बाद भी नगर पालिका की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पूर्व में सर्वे की जिम्मेदारी कर समाहर्ताओं को दी गई थी। इस समय शहर की आबादी करीब सवा लाख हो गई है।
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पिछले साल शहर के 25 वार्डों में बने करीब दस हजार मकानों में करीब 50 जर्जर मकान चिह्नित किए गए थे। ओकडेनगंज चौराहा, चौक, चौक स्टेशन रोड, विशुनीपुर, भृगुआश्रम, बेदुआ, जापलिनगंज, जगदीशपुर, हरपुर मिड्ढ़ी, बनकटा, राजपूत नेउरी, लोहा पट्टी, गुदरी बाजार, कदमचौराहा, कासिम बाजार, विजयीपुर आदि इलाकों में ये जर्जर मकान स्थित हैं। यह मकान प्रमुख बाजारों के साथ ही मुख्य मार्गों के किनारे स्थित है। इन भवनों को गिरवाने की कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई। पिछले साल नगर पालिका की तरफ से ऐसे भवन मालिकों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ऐसे भवनों की घेराबंदी तक नगर पालिका के जिम्मेदार नहीं करा सके। कामर्शियल क्षेत्र चौक और उसके आस पास के इलाके में करीब नौ भवन जर्जर हैं। इनके ढहने का खतरा रहता है। इतना ही नहीं चौक क्षेत्र में मौजूद कई भवनों के प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। भवन के पाए क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन पर घास-फूस उग गए हैं फिर भी लोग उसमें परिवार सहित रह रहे हैं। नीचे दुकानें चल रही हैं। सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक ग्राहकों की भीड़ रहती है। इनमें कई भवन ऐसे है, जिसके गिरने से आसपास के कई मकानों को खतरा हो सकता है।
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कब्जा के लिए डाल रहे जोखिम में जान
शहर में मौजूद 50 जर्जर भवनों में ज्यादातर विवादित हैं। मामला न्यायालय में होने के चलते भवनों की मरम्मत या निर्माण नहीं हो पा रहा है। कभी भी गिरने की कगार पर पहुंच चुके भवन पर कब्जा बरकरार रखने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर परिवार समेत रह रहे हैं। कुछ जगहों पर किराएदार और मकान मालिक के बीच विवाद चल रहा है।
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बीते वर्ष नहीं हो सकी चिह्नीकरण की कार्रवाई
बीते वर्ष 2021 में मानसून से पहले जर्जर मकानों को चिह्नित करने के निर्देश जारी किए गए थे। बरसात से पहले ऐसे मकानों को चिह्नित करते हुए खाली कराने के साथ ही जमींदोज कराने के लिए कार्रवाई करनी थी, लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने इस संबंध में कारवाई करना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि नगर पालिका के अधिकारी जर्जर भवन के चिह्निकरण का कार्य जारी होने की बात कह रहे है।

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शहर में मौजूद जर्जर भवनों को चिह्नित करने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस भेजकर गिराने के लिए कहा जाएगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। पिछले साल जिन लोगों को नोटिस दिया गया था और उन्होंने जर्जर मकान नहीं गिराए हैं तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए डीएम को पत्र भेजा जाएगा।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका
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