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मासूम की मौत: बोलेरो की चपेट में आने से गई बच्ची की जान, दो साल पहली पिता की हुई थी मौत
Tue, 10 Dec 2024 11:19 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2024 11:19 AM IST
सार
बलिया जिले में सड़क हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई। उसकी मां और बहन इलाज के लिए गई थी। इसी दौरान बच्ची घर से बाहर चली गई, जहां बोलेरो की चपेट में आ गई।
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छेका से लौट रहे चाचा-भतीजे को कार ने कुचला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलिया जिले के बैरिया थाना अंतर्गत टेंगरही-संसार टोला तटबंध पर श्रीपालपुर ढाले के पास सोमवार को बोलेरो की चपेट में आने से पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद वाहन लेकर चालक भाग गया। बच्ची की मां उसकी बड़ी बहन को इलाज के लिए अस्पताल लेकर गई थी।
यह है पूरा मामला
श्रीपालपुर गांव निवासी प्रियल गोड़ (05) पुत्री स्व. ब्रजेश गोड़ ढाले से होकर अपने घर जा रही थी। इस दौरान बच्ची जयप्रकाशनगर की तरफ से टेंगरही की ओर आ रही तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आ गई।
एसएचओ रमायण सिंह ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।
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यह है पूरा मामला
श्रीपालपुर गांव निवासी प्रियल गोड़ (05) पुत्री स्व. ब्रजेश गोड़ ढाले से होकर अपने घर जा रही थी। इस दौरान बच्ची जयप्रकाशनगर की तरफ से टेंगरही की ओर आ रही तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आ गई।
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एसएचओ रमायण सिंह ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।
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तेज रफ्तार वाहन बनते हैं हादसे का कारण
टेंगरही-संसार टोला (24.02 किमी) का बंधा अत्यंत पतला है। इस सड़क से तेज रफ्तार में ट्रैक्टर, बोलेरो, बालू और मिट्टी लदे वाहन गुजरते हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते की चौड़ाई कम है। इसके लिए प्रशासन का कई बार ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पांच वर्षीय बच्ची प्रियल के पिता ब्रजेश टेंपो चलाते थे। दो वर्ष पहले बांसडीह में उनके टेंपो से सड़क दुर्घटना हो गई थी। भीड़ ने उनकी पिटाई कर दी थी। इलाज के दौरान ब्रजेश की मौत हो गई। प्रियल की सात वर्षीय बड़ी बहन और डेढ़ वर्ष का छोटा भाई है। बड़ी बहन का हाथ टूट गया था। इलाज के लिए उसकी मां सोनबरसा अस्पताल ले गई थी। घर खाली पाकर प्रियल बाहर निकल आई थी। इस बीच दुर्घटना का शिकार हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पांच वर्षीय बच्ची प्रियल के पिता ब्रजेश टेंपो चलाते थे। दो वर्ष पहले बांसडीह में उनके टेंपो से सड़क दुर्घटना हो गई थी। भीड़ ने उनकी पिटाई कर दी थी। इलाज के दौरान ब्रजेश की मौत हो गई। प्रियल की सात वर्षीय बड़ी बहन और डेढ़ वर्ष का छोटा भाई है। बड़ी बहन का हाथ टूट गया था। इलाज के लिए उसकी मां सोनबरसा अस्पताल ले गई थी। घर खाली पाकर प्रियल बाहर निकल आई थी। इस बीच दुर्घटना का शिकार हो गई।