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संपूर्ण समाधान दिवस पर अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
Updated Tue, 15 May 2018 10:32 PM IST
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बलिया। डीएम भवानी सिंह खंगारौत व एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने मंगलवार को रसड़ा तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनता की फरियाद सुनी। जिलाधिकारी ने जहां राजस्व व विकास से जुड़े मामलों को सुना, वहीं एसपी ने कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को सुनने के बाद सम्बन्धित थानेदार को कड़े निर्देश दिए। कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। जिलाधिकारी ने अन्य शिकायती पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए निर्देश दिया कि समयांतर्गत निस्तारण कर पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित कराएं। यह भी साफ किया कि शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण कराएं। अगर गलत निस्तारण की शिकायत सही मिली तो संबंधित अधिकारी की खैर नहीं। इस मौके पर राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जे जैसी शिकायतें प्रमुख रही।
चंदाडीह निवासी जयनाथ यादव ने खलिहान की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने के साथ निर्माण कार्य कराए जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने साफ कहा कि कहीं भी खलिहान या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला आए तो तत्काल कार्रवाई हो। मुंडेरा गांव के एक शिकायतकर्ता ने आवास योजना में अवैध वसूली के मामले में जांच के बाद और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने की शिकायत की। डीएम ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश पुलिस अधिकारियों को दिया। वहीं, वीराभांटी के सुजीत सिंह ने पिछले तहसील दिवस के एक मामले में फर्जी निस्तारण किए जाने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने उस जांच को पीडी राजकुमार त्रिपाठी को सौंपते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को फोन से अवगत कराने के बाद मौके पर जाकर जांच करें। कहा कि अगर फर्जी निस्तारण मिला तो संबंधित जांच अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। इसी तरह के कई मामले समूचे तहसील क्षेत्र से आए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस के मामलों के निस्तारण में समयांतर्गत, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का विशेष ख्याल रहे। अगर गलत निस्तारण की कोई शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस मौके पर एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को सुनने का बाद हर फरियादी को न्याय दिलाए जाने का भरोसा दिलाया। एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव, सीओ अवधेश चौधरी, तहसीलदार शिवधर चौरसिया समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
बैरिया। तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल होकर नए एसडीएम अनिल चतुर्वेदी ने तहसील का कार्यभार संभाला। तहसील सभागार में सीडीओ बीएन सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सीडीपीओ मुरलीछपरा, वन क्षेत्राधिकारी बैरिया, प्रभारी चिकित्साधिकारी सोनबरसा और कोटवां और अधिशासी अधिकारी अनुपस्थित रहे। सीडीओ ने अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेज दी। संपूर्ण समाधान दिवस पर सबसे अधिक राशन से संबंधित मामलों के अलावा भूमि विवाद, बिजली, पानी आदि के कुल 54 मामले आए लेकिन निस्तारण एक भी मामले का नहीं हुआ। इस मौके पर तहसीलदार शशिकांत मणि, एएसपी विजय पाल सिंह, बीडीओ बैरिया रणजीत कुमार आदि थे।
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69 में से नौ प्रार्थना पत्र का हुआ मौके पर निस्तारण
बेल्थरारोड । नवागत उप जिलाधिकारी राधेश्याम पाठक की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर कुल 69 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें नौ का मौके पर निस्तारण किया गया । शेष प्रार्थना पत्रों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को संदर्भित कर दिया गया। इनमें राजस्व, पुलिस ,आपूर्ति, विकास आदि विभागों से संबंधित मामले शामिल रहे। एसडीएम राधेश्याम पाठक ने समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया ।इस मौके पर खंड विकास अधिकारी पीएन त्रिपाठी, उभांव इंस्पेक्टर रत्नेश कुमार सिंह, बीईओ यशवंत सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे ।
एक सप्ताह में आवेदनों का करें निस्तारण
बलिया। अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल ने समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त आवेदन पत्रों का गुणवत्तापरक शत-प्रतिशत निस्तारण करें। बताया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह में करने तथा जटिल प्रकरणों का 15 दिनों में निस्तारण कर वेबसाइट पर आख्या अपलोड करें।
उन्होंने बताया कि अभी भी काफी संख्या में विभागों में शिकायतें निस्तारण के लिए अवशेष हैं। किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता अथवा लापरवाही पाये जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील बैरिया में नये आवेदन पत्रों की संख्या 15 समय सीमा के उपरान्त 17 लम्बित है। इसीप्रकार बेल्थरारोड़ में नये आवेदन पत्रों की संख्या 52 व समय सीमा के उपरान्त 11 लम्बित है। जबकि बलिया सदर में नये आवेदन पत्रों की संख्या 80 और समय सीमा के उपरान्त 20 लम्बित है। बांसडीह में नये आवेदन पत्रों की संख्या 84 और समय सीमा के उपरान्त 11 लम्बित तथा रसड़ा में नये आवेदन पत्रों की संख्या 8 व सिकन्दरपुर में 172 है। एडीएम ने निर्देश दिया कि लंबित एवं डिफाल्टर शिकायतों का निस्तारण कर अपने तहसील में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ताकि समय से अपलोड कराया जा सके।
78 मामलों में एक का भी नहीं हो सका निस्तारण
सिकंदरपुर। मंगलवार को उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 78 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इस दौरान मौके पर एक भी मामलों का निस्तारण नहीं हो सका। सभी प्रार्थना पत्र को संबंधित विभागों को सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने कहा कि शासन के मंशा के अनुसार, प्रार्थना पत्रों का निस्तारण हर हाल में गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर विजय प्रताप यादव, तहसीलदार आलोक कुमार, नायब तहसीलदार महेंद्र प्रसाद सहित संबंधित तहसील अधिकारी मौजूद रहे।
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चंदाडीह निवासी जयनाथ यादव ने खलिहान की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने के साथ निर्माण कार्य कराए जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने साफ कहा कि कहीं भी खलिहान या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला आए तो तत्काल कार्रवाई हो। मुंडेरा गांव के एक शिकायतकर्ता ने आवास योजना में अवैध वसूली के मामले में जांच के बाद और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने की शिकायत की। डीएम ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश पुलिस अधिकारियों को दिया। वहीं, वीराभांटी के सुजीत सिंह ने पिछले तहसील दिवस के एक मामले में फर्जी निस्तारण किए जाने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने उस जांच को पीडी राजकुमार त्रिपाठी को सौंपते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को फोन से अवगत कराने के बाद मौके पर जाकर जांच करें। कहा कि अगर फर्जी निस्तारण मिला तो संबंधित जांच अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। इसी तरह के कई मामले समूचे तहसील क्षेत्र से आए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस के मामलों के निस्तारण में समयांतर्गत, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का विशेष ख्याल रहे। अगर गलत निस्तारण की कोई शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस मौके पर एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को सुनने का बाद हर फरियादी को न्याय दिलाए जाने का भरोसा दिलाया। एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव, सीओ अवधेश चौधरी, तहसीलदार शिवधर चौरसिया समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
बैरिया। तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल होकर नए एसडीएम अनिल चतुर्वेदी ने तहसील का कार्यभार संभाला। तहसील सभागार में सीडीओ बीएन सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सीडीपीओ मुरलीछपरा, वन क्षेत्राधिकारी बैरिया, प्रभारी चिकित्साधिकारी सोनबरसा और कोटवां और अधिशासी अधिकारी अनुपस्थित रहे। सीडीओ ने अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेज दी। संपूर्ण समाधान दिवस पर सबसे अधिक राशन से संबंधित मामलों के अलावा भूमि विवाद, बिजली, पानी आदि के कुल 54 मामले आए लेकिन निस्तारण एक भी मामले का नहीं हुआ। इस मौके पर तहसीलदार शशिकांत मणि, एएसपी विजय पाल सिंह, बीडीओ बैरिया रणजीत कुमार आदि थे।
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69 में से नौ प्रार्थना पत्र का हुआ मौके पर निस्तारण
बेल्थरारोड । नवागत उप जिलाधिकारी राधेश्याम पाठक की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर कुल 69 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें नौ का मौके पर निस्तारण किया गया । शेष प्रार्थना पत्रों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को संदर्भित कर दिया गया। इनमें राजस्व, पुलिस ,आपूर्ति, विकास आदि विभागों से संबंधित मामले शामिल रहे। एसडीएम राधेश्याम पाठक ने समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया ।इस मौके पर खंड विकास अधिकारी पीएन त्रिपाठी, उभांव इंस्पेक्टर रत्नेश कुमार सिंह, बीईओ यशवंत सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे ।
एक सप्ताह में आवेदनों का करें निस्तारण
बलिया। अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल ने समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त आवेदन पत्रों का गुणवत्तापरक शत-प्रतिशत निस्तारण करें। बताया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह में करने तथा जटिल प्रकरणों का 15 दिनों में निस्तारण कर वेबसाइट पर आख्या अपलोड करें।
उन्होंने बताया कि अभी भी काफी संख्या में विभागों में शिकायतें निस्तारण के लिए अवशेष हैं। किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता अथवा लापरवाही पाये जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील बैरिया में नये आवेदन पत्रों की संख्या 15 समय सीमा के उपरान्त 17 लम्बित है। इसीप्रकार बेल्थरारोड़ में नये आवेदन पत्रों की संख्या 52 व समय सीमा के उपरान्त 11 लम्बित है। जबकि बलिया सदर में नये आवेदन पत्रों की संख्या 80 और समय सीमा के उपरान्त 20 लम्बित है। बांसडीह में नये आवेदन पत्रों की संख्या 84 और समय सीमा के उपरान्त 11 लम्बित तथा रसड़ा में नये आवेदन पत्रों की संख्या 8 व सिकन्दरपुर में 172 है। एडीएम ने निर्देश दिया कि लंबित एवं डिफाल्टर शिकायतों का निस्तारण कर अपने तहसील में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ताकि समय से अपलोड कराया जा सके।
78 मामलों में एक का भी नहीं हो सका निस्तारण
सिकंदरपुर। मंगलवार को उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 78 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इस दौरान मौके पर एक भी मामलों का निस्तारण नहीं हो सका। सभी प्रार्थना पत्र को संबंधित विभागों को सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने कहा कि शासन के मंशा के अनुसार, प्रार्थना पत्रों का निस्तारण हर हाल में गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर विजय प्रताप यादव, तहसीलदार आलोक कुमार, नायब तहसीलदार महेंद्र प्रसाद सहित संबंधित तहसील अधिकारी मौजूद रहे।