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Ballia News: 386 ग्राम पंचायतों ने अनिवार्य ग्राम सभा की बैठक का फोटो पोर्टल पर अपलोड नहीं की
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पंदह। जिले की 386 ग्राम पंचायतों ने अनिवार्य ग्राम सभा की बैठक तक का फोटो पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। मुरलीछपरा, बांसडीह, नगरा, पंदह और सीयर को छोड़ दिया जाए तो शेष 12 विकास खंडों की औसतन आधी पंचायतें इस सूची में शामिल हैं। विकास योजनाओं में पारदर्शिता लाने की यह पहल कागजों से अभी भी बाहर नहीं निकल सकी है।
ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों का वीडियो-फोटो पंचायती राज विभाग के पोर्टल ‘सभासार’ पर अपलोड करना अनिवार्य किया है। जिसका उद्देश्य ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों को आम ग्रामीणों तक पहुंचाना और मनमानी पर अंकुश लगाना है लेकिन जिले में यह व्यवस्था पूरी तरह बेअसर साबित हो रही है। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम पंचायतों में सभासार पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना है। जिन ग्राम पंचायतों का दर्ज नहीं हुआ है, वहां पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। कुछ तकनीकी दिक्क्तों भी समस्या बन जाती है।
ग्राम सभाओं में उठने वाले सवालों, स्वीकृत कार्यों में बदलाव और मनमाने फैसलों के आरोपों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था लागू की थी। आंकड़े बताते हैं कि जिले की 41 प्रतिशत पंचायतों ने 26 जनवरी, 25 अप्रैल, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को होने वाली अनिवार्य ग्राम सभाओं का फोटो भी अपलोड नहीं किया है। नियमों के मुताबिक हर ग्राम पंचायत में वर्ष में चार अनिवार्य ग्राम सभाएं आयोजित करनी होती हैं।
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ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों का वीडियो-फोटो पंचायती राज विभाग के पोर्टल ‘सभासार’ पर अपलोड करना अनिवार्य किया है। जिसका उद्देश्य ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों को आम ग्रामीणों तक पहुंचाना और मनमानी पर अंकुश लगाना है लेकिन जिले में यह व्यवस्था पूरी तरह बेअसर साबित हो रही है। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम पंचायतों में सभासार पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना है। जिन ग्राम पंचायतों का दर्ज नहीं हुआ है, वहां पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। कुछ तकनीकी दिक्क्तों भी समस्या बन जाती है।
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ग्राम सभाओं में उठने वाले सवालों, स्वीकृत कार्यों में बदलाव और मनमाने फैसलों के आरोपों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था लागू की थी। आंकड़े बताते हैं कि जिले की 41 प्रतिशत पंचायतों ने 26 जनवरी, 25 अप्रैल, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को होने वाली अनिवार्य ग्राम सभाओं का फोटो भी अपलोड नहीं किया है। नियमों के मुताबिक हर ग्राम पंचायत में वर्ष में चार अनिवार्य ग्राम सभाएं आयोजित करनी होती हैं।
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