{"_id":"5a34052f4f1c1bce408bd43b","slug":"32-5000-log-pareshaan-nahin-mil-raha-anaaj-people-get-annoyed-not-getting-grain","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोग परेशान, नहीं मिल रहा अनाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोग परेशान, नहीं मिल रहा अनाज
ballia
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द्वाबा क्षेत्र में राशन कार्ड को लेकर लोग काफी समय से परेशान हैं। राशन कार्ड को लेकर आज तक काफी संख्या में लोगों को न राशन कार्ड मिला और न ही सूची में उनका नाम ही अंकित हो पाया है। लोगों की माने तो इसमें भी उन्हीं लोगों का नाम दर्ज हुआ है जो जुगाड़ वाले हैं ।द्वाबा क्षेत्र में राशन कार्ड को लेकर विगत करीब 5 वर्षों से लगातार करीब दस बार फार्म भरवाए जा चुके हैं। राशनकार्ड बनवाने के लिए लोगों को फोटो के साथ-साथ अन्य कागजात जुटाकर जमा करने में कुल करीब एक सौ रुपये से लेकर चार सौ रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। बावजूद इनका न राशन कार्ड ही बना न इनका सूची में ही नाम दर्ज हो सका।प्रीतम छपरा निवासी जगपति राम का कहना है कि मैं राशन कार्ड बनवाने के लिए अब तक चार बार फार्म भर कर जमा कर चुके हैं। तीन सौ रुपये खर्च हुए लेकिन राशन कार्ड नहीं बन सका। डोमन राय टोला निवासी रामकुमार सिंह का कहना है कि पूरे तहसील क्षेत्र में राशनकार्ड बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन राशनकार्ड के सूची में उन्ही लोगों का नाम दिख रहा है जो सुविधा शुल्क दिए हो या कोटेदारो के चहेते है ।
कर्ण छपरा निवासी दुर्गविजय सिंह झलन का कहना है कि राशनकार्ड में अधिकतर कोटेदार कालाबाजारी कर मोटी रकम ऐंठने के लिए कम्प्यूटर पर नाम दर्ज करने वाले बाबुओं से मिलकर गलत नाम दर्ज करवा ले रहे हैं। सोनबरसा गाव निवासी मनोज कुमार ओझा का कहना है कि आज तक वर्षो से राशनकार्ड के बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन क्षेत्र के अधिकाधिक बाशिंदों का फार्म ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
विज्ञापन
कर्ण छपरा निवासी दुर्गविजय सिंह झलन का कहना है कि राशनकार्ड में अधिकतर कोटेदार कालाबाजारी कर मोटी रकम ऐंठने के लिए कम्प्यूटर पर नाम दर्ज करने वाले बाबुओं से मिलकर गलत नाम दर्ज करवा ले रहे हैं। सोनबरसा गाव निवासी मनोज कुमार ओझा का कहना है कि आज तक वर्षो से राशनकार्ड के बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन क्षेत्र के अधिकाधिक बाशिंदों का फार्म ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
विज्ञापन