{"_id":"5a71fc634f1c1b9f268b77c9","slug":"31517419619-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन नीति बहाल करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन नीति बहाल करे सरकार
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। उप्र जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से मिला। इस दौरान प्रधानमंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग किया कि पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाय।
इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ राम ने मांग किया कि मृतक आश्रितों को उनके योग्यता के अनुसार नौकरी देने की व्यवस्था की जाय। उप्र के बेसिक शिक्षकों को भी विधान परिषद के चुनाव में भाग लेने के लिए अधिकार दिए जाय। संगठन के जिला महामंत्री रफीउल्लाह ने कहा कि सूबे की सरकार से अपनी मांगों के संदर्भ में कई बार पत्रचार किया गया। लेकिन आज तक सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगा। उन्होंने चेताया कि अगर हमारी मांगों को केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार नहीं मानती है तो हम अपनी मांगों के समर्थन में 27 अप्रैल को संसद कूच करने के लिए विवश होंगे।
इस मौके पर कोषाध्यक्ष योगेंद्र नाथ, मंगला प्रसाद, शहनवाज, उमाशंकर, अंजनी कुमार मुकुल, अमरनाथ, हरिमोहन सिंह, अखिलेश चंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ राम ने मांग किया कि मृतक आश्रितों को उनके योग्यता के अनुसार नौकरी देने की व्यवस्था की जाय। उप्र के बेसिक शिक्षकों को भी विधान परिषद के चुनाव में भाग लेने के लिए अधिकार दिए जाय। संगठन के जिला महामंत्री रफीउल्लाह ने कहा कि सूबे की सरकार से अपनी मांगों के संदर्भ में कई बार पत्रचार किया गया। लेकिन आज तक सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगा। उन्होंने चेताया कि अगर हमारी मांगों को केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार नहीं मानती है तो हम अपनी मांगों के समर्थन में 27 अप्रैल को संसद कूच करने के लिए विवश होंगे।
विज्ञापन
इस मौके पर कोषाध्यक्ष योगेंद्र नाथ, मंगला प्रसाद, शहनवाज, उमाशंकर, अंजनी कुमार मुकुल, अमरनाथ, हरिमोहन सिंह, अखिलेश चंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन