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रंगोत्सव मनाने में 286 पहुंचे अस्पताल
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बलिया। होली त्योहार के पूर्व और बाद में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मारपीट और सड़क दुर्घटना में घायल हुए करीब 286 लोगों का इमरजेंसी में इलाज किया गया। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या औसतन हर रोज 30 से 50 मरीज होती है। लेकिन 17 से 20 मार्च के बीच यह संख्या बढ़कर 70 से 80 मरीज प्रतिदिन के करीब पहुंच गई है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक डॉ.सुमीर कुमार के अनुसार इस बार होली में मारपीट व सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इमरजेंसी वार्ड में तैनात चीफ फार्मासिस्ट रमेश गुप्ता और अमरनाथ पाठक ने बताया कि त्वचा और नेत्र रोग की समस्या के भी कई मरीज आए, जिन्हें आंखों में रंग पड़ने से जलन हो रही थी। कम समस्या वाले मरीजों का उपचार कर उन्हें घर भेजा गया वही गम्भीर रूप से घायल मरीजों को भर्ती किया गया है। सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में मरीजों का तांता लगा रहा। होली का त्योहार को देखते हुए जिला अस्पताल में भीड़भाड़ को देखते हुए प्रभारी सीएमएस डॉ. विनोद सिंह द्वारा पूरी तरह से व्यवस्था की गई थी।
17 से 20 मार्च तक जिला अस्पताल में पहुंचे मरीज
17 मार्च 60 मरीज
18 मार्च 67 मरीज
19 मार्च 89 मरीज
20 मार्च 70 मरीज
किसी का फर्श तो किसी का स्ट्रेचर पर ही हुआ इलाज
सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को भर्ती करने को बेड ही नहीं मिले। इमरजेसी में ही फर्श और एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटा कर तो कइयों को स्ट्रेचर पर ही इलाज किया गया। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से सोमवार को इमरजेंसी वार्ड भरा रहा, जिससे मरीजों और तीमारदारों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। होली त्यौहार पर 17 से 20 मार्च अधिकांश लोग हड्डी वार्ड में भर्ती किए गए। जिसमें हड्डी वार्ड के 24 बेड पूरी तरह से मरीजों से पटे रहे। डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों को सही उपचार कर डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है। सोमवार को दमा और सांस की बीमारी वाले मरीजों की संख्या बढ़ी नजर आई।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक डॉ.सुमीर कुमार के अनुसार इस बार होली में मारपीट व सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इमरजेंसी वार्ड में तैनात चीफ फार्मासिस्ट रमेश गुप्ता और अमरनाथ पाठक ने बताया कि त्वचा और नेत्र रोग की समस्या के भी कई मरीज आए, जिन्हें आंखों में रंग पड़ने से जलन हो रही थी। कम समस्या वाले मरीजों का उपचार कर उन्हें घर भेजा गया वही गम्भीर रूप से घायल मरीजों को भर्ती किया गया है। सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में मरीजों का तांता लगा रहा। होली का त्योहार को देखते हुए जिला अस्पताल में भीड़भाड़ को देखते हुए प्रभारी सीएमएस डॉ. विनोद सिंह द्वारा पूरी तरह से व्यवस्था की गई थी।
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17 से 20 मार्च तक जिला अस्पताल में पहुंचे मरीज
17 मार्च 60 मरीज
18 मार्च 67 मरीज
19 मार्च 89 मरीज
20 मार्च 70 मरीज
किसी का फर्श तो किसी का स्ट्रेचर पर ही हुआ इलाज
सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को भर्ती करने को बेड ही नहीं मिले। इमरजेसी में ही फर्श और एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटा कर तो कइयों को स्ट्रेचर पर ही इलाज किया गया। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से सोमवार को इमरजेंसी वार्ड भरा रहा, जिससे मरीजों और तीमारदारों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। होली त्यौहार पर 17 से 20 मार्च अधिकांश लोग हड्डी वार्ड में भर्ती किए गए। जिसमें हड्डी वार्ड के 24 बेड पूरी तरह से मरीजों से पटे रहे। डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों को सही उपचार कर डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है। सोमवार को दमा और सांस की बीमारी वाले मरीजों की संख्या बढ़ी नजर आई।
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