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Ballia News: 255 अस्पताल बने रेफरल केंद्र, जुकाम व बुखार में पहुंच रहे जिला अस्पताल

Tue, 16 Sep 2025 01:57 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 01:57 AM IST
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255 hospitals became referral centers, people are reaching district hospitals for cold and fever
बलिया। जनपद के सरकारी अस्पतालों की स्थिति बदहाल है। अधिकतर अस्पतालों में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों का अभाव है। जिले के 2361 गांवों के करीब 32 लाख लोगों के बेहतर चिकित्सकीय सुविधा के लिए छह तहसीलों में 20 सीएचसी, 11 पीएचसी, 66 न्यू पीएचसी व 158 आयुष मंदिर खुले हैं। करीब 255 अस्पताल होने के बावजूद मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज व जांच के लिए जिला अस्पताल व अप्रशिक्षित चिकित्सकों के पास जाना पड़ता है।
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पिछले आठ माह में अवैध निजी अस्पताल में अप्रशिक्षित चिकित्सक के यहां प्रसव के दौरान सात महिलाओं व नवजात की मौत हो चुकी है। जबकि सीएचसी से लेकर उपकेंद्र तक प्रसव की सुविधा मौजूद है। सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियाें पर हर माह 60 से 80 लाख रुपया वेतन पर खर्च होने के बावजूद सड़क दुर्घटना में चोटिल व उल्टी दस्त के मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की जगह स्वास्थ्यकर्मी रेफर करने पर ज्यादा जोर देते हैं। हाल यह है कि दोपहर बाद अधिकतर सीएचसी पर फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय रहते हैं, जो मरीज का इलाज करने की जगह प्राथमिक मरहम पट्टी कर जिला अस्पताल को रेफर कर देते हैं।
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भर्ती करने की जगह एंबुलेंस में चेक कर किया रेफर : जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर अंतिम छोर में स्थित बैरिया सोनबरसा में 29.27 करोड़ की लागत में 100 बेड का अस्पताल बनकर तैयार है। ओपीडी शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में रोज पांच से 10 मरीज रेफर होकर इलाज के लिए आते हैं। इसमें उल्टी, दस्त व सड़क दुर्घटना में चोटिल ज्यादा होते हैं, अगर इन्हें भर्ती कर इलाज होता तो राहत मिल जाती।
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करोड़ों की सीएचसी. चलती है सिर्फ ओपीडी सहतवार में 50 बेड का करोड़ों रुपये की लागत में सीएचसी भवन बना है। इस अस्पताल पर क्षेत्र के 50 गांवों के हजारों लोगों स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। सिर्फ ओपीडी चलती है। मरीज को भर्ती के हालत देख चिकित्सक रेफर करने पर जोर देते हैं। मरीज मजबूरन 21 किमी दूर जिला अस्पताल आकर इलाज करवाने को मजबूर होता है। कई केंद्रों पर एक्सरे की सुविधा होने के बावजूद मरीज को जिला अस्पताल आना पड़ता है।


बलिया के सीएमओ डाॅ. संजीव वर्मन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिले इसके लिए संसाधन व चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। प्रमुख सीएचसी पर 24 घंटे इमरजेंसी व पैथोलाॅजी की सुविधा मिल रही है। आने वाले दिनों में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई जाएगी।
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