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स्कूलों में बने 2505 शौचालयों की होगी जांच
ballia
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:10 PM IST
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शौचालयों पर लटके ताले
- फोटो : अमर उजाला
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सर्वशिक्षा अभियान के तहत जनपद के प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बने 2505 शौचालयों की जांच होगी। जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम के निर्देश पर सीडीओ ने कार्रवाई शुरु कर दी है। अलग-अलग इलाकों की जांच के लिए अलग-टीमें बनाई जाएंगी।
जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर शौचालय बनाने का काम वर्ष 2013-14 में शुुरू हुआ। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस साल केवल दो यूनिट शौचालय निर्माण के लिए कुल एक लाख 40 हजार की धनराशि प्राप्त हुई।
इसके बाद वर्ष 2014-15 में 245 यूनिट शौचालयों के निर्माण के लिए एक करोड़ 71 लाख 50 हजार तथा वर्ष 2016-17 में 140 यूनिट शौचालय निर्माण के लिए 98 लाख की धनराशि मिली। हालांकि वर्ष 2015-16 में शौचालय निर्माण के लिए कोई धनराशि नहीं मिली।
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बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि जिले के सभी स्कूल शौचालयों से संतृप्त हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2013-14 में प्रति यूनिट शौचालय के लिए 70 हजार की धनराशि निर्धारित थी जो आज भी है। इसके अलावा स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2014-15 में आरईसीएल (रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड) ने कुल दो हजार 43 यूनिट शौचालय का निर्माण कराया और इसी साल पावर ग्रिड ने भी 45 विद्यालयों पर कुल 73 यूनिट शौचालयों का निर्माण कराया।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो इन दोनों कार्यदायी संस्थाओं को भारत सरकार की ओर से अनुबंधित किया गया था। इन संस्थाओं ने शौचालयों का निर्माण कराने के बाद संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को हैंडओवर कर दिया। बताया जाता है कि भारत सरकार की ओर से प्रति यूनिट शौचालय के लिए एक लाख 70 हजार की धनराशि निर्धारित की गई थी लेकिन इसका कोई लेखा-जोखा बेसिक शिक्षा विभाग के पास नहीं है।
जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आया कि स्कूलों पर बने शौचालयों के निर्माण में धांधली की गई है। उन्होंने इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश सीडीओ को दिया। सीडीओ की ओर से इसकी जांच के लिए टीमें बनाई जा रही हैं।
चार वर्षों में पौने 39 करोड़ से बने 2505 यूनिट शौचालय
बलिया। वर्ष 2013-14 से लेकर वर्ष 2016-17 तक सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग की ओर से कुल 387 यूनिट शौचालय बनाने के लिए दो करोड़ 70 लाख 90 हजार की धनराशि खर्च की गई है। इसके अलावा आरईसीएल व पावर ग्रिड की ओर से 2118 यूनिट शौचालयों के निर्माण पर 36 करोड़ 60 हजार की धनराशि खर्च की गई है।
बताया जाता है कि शासन की ओर से प्रति यूनिट शौचालय निर्माण के लिए मानक का भी निर्धारण किया गया था और अब इसकी पड़ताल होगी।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्कूलोें पर बने शौचालयों के निर्माण की जांच के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है। अलग-अलग क्षेत्रों की जांच के लिए अलग-अलग कमेटी बनाई जाएगी। - संतोष कुमार, सीडीओ, बलिया
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जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर शौचालय बनाने का काम वर्ष 2013-14 में शुुरू हुआ। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस साल केवल दो यूनिट शौचालय निर्माण के लिए कुल एक लाख 40 हजार की धनराशि प्राप्त हुई।
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इसके बाद वर्ष 2014-15 में 245 यूनिट शौचालयों के निर्माण के लिए एक करोड़ 71 लाख 50 हजार तथा वर्ष 2016-17 में 140 यूनिट शौचालय निर्माण के लिए 98 लाख की धनराशि मिली। हालांकि वर्ष 2015-16 में शौचालय निर्माण के लिए कोई धनराशि नहीं मिली।
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बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि जिले के सभी स्कूल शौचालयों से संतृप्त हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2013-14 में प्रति यूनिट शौचालय के लिए 70 हजार की धनराशि निर्धारित थी जो आज भी है। इसके अलावा स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2014-15 में आरईसीएल (रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड) ने कुल दो हजार 43 यूनिट शौचालय का निर्माण कराया और इसी साल पावर ग्रिड ने भी 45 विद्यालयों पर कुल 73 यूनिट शौचालयों का निर्माण कराया।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो इन दोनों कार्यदायी संस्थाओं को भारत सरकार की ओर से अनुबंधित किया गया था। इन संस्थाओं ने शौचालयों का निर्माण कराने के बाद संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को हैंडओवर कर दिया। बताया जाता है कि भारत सरकार की ओर से प्रति यूनिट शौचालय के लिए एक लाख 70 हजार की धनराशि निर्धारित की गई थी लेकिन इसका कोई लेखा-जोखा बेसिक शिक्षा विभाग के पास नहीं है।
जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आया कि स्कूलों पर बने शौचालयों के निर्माण में धांधली की गई है। उन्होंने इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश सीडीओ को दिया। सीडीओ की ओर से इसकी जांच के लिए टीमें बनाई जा रही हैं।
चार वर्षों में पौने 39 करोड़ से बने 2505 यूनिट शौचालय
बलिया। वर्ष 2013-14 से लेकर वर्ष 2016-17 तक सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग की ओर से कुल 387 यूनिट शौचालय बनाने के लिए दो करोड़ 70 लाख 90 हजार की धनराशि खर्च की गई है। इसके अलावा आरईसीएल व पावर ग्रिड की ओर से 2118 यूनिट शौचालयों के निर्माण पर 36 करोड़ 60 हजार की धनराशि खर्च की गई है।
बताया जाता है कि शासन की ओर से प्रति यूनिट शौचालय निर्माण के लिए मानक का भी निर्धारण किया गया था और अब इसकी पड़ताल होगी।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्कूलोें पर बने शौचालयों के निर्माण की जांच के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है। अलग-अलग क्षेत्रों की जांच के लिए अलग-अलग कमेटी बनाई जाएगी। - संतोष कुमार, सीडीओ, बलिया