{"_id":"577bc3dc4f1c1b72027faabc","slug":"24-ghante-me-1-2-meter-badhi-ghaghara","type":"story","status":"publish","title_hn":"24 घंटे में आधा मीटर बढ़ी घाघरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
24 घंटे में आधा मीटर बढ़ी घाघरा
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 05 Jul 2016 07:57 PM IST
विज्ञापन
नदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम देखकर तटवर्ती बाशिंदों के होश उड़ गए हैं। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 0.435 मीटर की अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार को अपराह्न जलस्तर 61.590 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.010 मीटर से 2.420 मीटर कम है। सोमवार को घाघरा का जलस्तर 61.155 मीटर दर्ज किया गया।
केंद्रीय जल आयोग का कहना है कि सोमवार को पूर्वाह्न जलस्तर में स्थिरता के बाद वृद्धि शुरू हो गई है। पहले जलस्तर में एक से डेढ़ सेमी वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ। लेकिन मंगलवार की दोपहर से ही चार सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
जलस्तर में लगातार हो रहे वृद्धि से तटवर्ती चैनपुर दिलवरा, मठिया, महुआतर, सबुनियां, खैराखास, तूर्तीपार, मुजौना, उभांव, करीमगंज, बेल्थरा बाजार, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि तटवर्ती क्षेत्रों में खलबली मची हुई है। किसी तरह जल स्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो अगले एक-दो दिन में जलस्तर लाल निशान के ऊपर पहुंच जाएगा। उधर पहिया में कटान शुरू हो जाने से पिछले एक पखवारे में कुल पांच एकड़ भूमि नदी की धारा में विलीन हो चुकी है।
विज्ञापन
कटान धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है। ऐसे में यादव बस्ति और ऐतिहासिक रामलीला मंच के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। गंगा, घाघरा व टोंस नदियों के जलस्तर में हो रहे वृद्धि पर निगरानी रखने के लिए कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई है।
जिस पर स्वास्थ्य एवं विकास विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी बच्चालाल मौर्य ने बताया कि बांसडीह तहसील में चांदपुर दियर, जूनियर हाईस्कूल मनियर, जूनियर हाईस्कूल सुल्तानपुर, सिंचाई विभाग कार्यालय पर्वतपुर, केवसर, रसड़ा तहसील में टोंस नदी के जलस्तर की निगरानी के लिए प्रधानपुर, लखनेश्वरडीह, कुरेम, सराय भारती, नगपुरा, बैरिया तहसील क्षेत्र में बहुआरा, नौरंगा, कोड़हरा, नौबरार, दयाछपरा, रामपुर कोड़हरा, भुसौला में चौकियां बनाई गईं हैं।
जबकि घाघरा के जलस्तर पर निगरानी के लिए शिवाल, शिवपुर, रामपुर, चांददियर, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र में तुर्तीपार, टंगुनिया, हल्दीरामपुर, तेलमा जमालउद्दीनपुर, भिंडकुंड, चैनपुर गुलौरा, बेल्थरा बाजार, बहुता चक, चौकिया मोड़ को बाढ़ निगरानी चौकी बनाई गई है। चौकियों पर विशेष रूप से प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। इन चौकियों से नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर खास नजर रखी जाएगी। बाढ़ से आम लोगों को बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की गई है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग का कहना है कि सोमवार को पूर्वाह्न जलस्तर में स्थिरता के बाद वृद्धि शुरू हो गई है। पहले जलस्तर में एक से डेढ़ सेमी वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ। लेकिन मंगलवार की दोपहर से ही चार सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
विज्ञापन
जलस्तर में लगातार हो रहे वृद्धि से तटवर्ती चैनपुर दिलवरा, मठिया, महुआतर, सबुनियां, खैराखास, तूर्तीपार, मुजौना, उभांव, करीमगंज, बेल्थरा बाजार, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि तटवर्ती क्षेत्रों में खलबली मची हुई है। किसी तरह जल स्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो अगले एक-दो दिन में जलस्तर लाल निशान के ऊपर पहुंच जाएगा। उधर पहिया में कटान शुरू हो जाने से पिछले एक पखवारे में कुल पांच एकड़ भूमि नदी की धारा में विलीन हो चुकी है।
विज्ञापन
कटान धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है। ऐसे में यादव बस्ति और ऐतिहासिक रामलीला मंच के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। गंगा, घाघरा व टोंस नदियों के जलस्तर में हो रहे वृद्धि पर निगरानी रखने के लिए कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई है।
जिस पर स्वास्थ्य एवं विकास विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी बच्चालाल मौर्य ने बताया कि बांसडीह तहसील में चांदपुर दियर, जूनियर हाईस्कूल मनियर, जूनियर हाईस्कूल सुल्तानपुर, सिंचाई विभाग कार्यालय पर्वतपुर, केवसर, रसड़ा तहसील में टोंस नदी के जलस्तर की निगरानी के लिए प्रधानपुर, लखनेश्वरडीह, कुरेम, सराय भारती, नगपुरा, बैरिया तहसील क्षेत्र में बहुआरा, नौरंगा, कोड़हरा, नौबरार, दयाछपरा, रामपुर कोड़हरा, भुसौला में चौकियां बनाई गईं हैं।
जबकि घाघरा के जलस्तर पर निगरानी के लिए शिवाल, शिवपुर, रामपुर, चांददियर, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र में तुर्तीपार, टंगुनिया, हल्दीरामपुर, तेलमा जमालउद्दीनपुर, भिंडकुंड, चैनपुर गुलौरा, बेल्थरा बाजार, बहुता चक, चौकिया मोड़ को बाढ़ निगरानी चौकी बनाई गई है। चौकियों पर विशेष रूप से प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। इन चौकियों से नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर खास नजर रखी जाएगी। बाढ़ से आम लोगों को बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की गई है।