फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   हिदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है रामलीला

हिदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है रामलीला

Tue, 19 Sep 2017 11:55 PM IST
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
हिदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है रामलीला
गड़वार। आज जहां युवा पीढ़ी टीवी, मोबाइल सहित अत्याधुनिक गेजेट्स से अपना मनोजरंजन कर रहे हैं। वहीं गड़वार में होने वाली रामलीला का जीवंत मंचन आज भी न सिर्फ बड़े-बुजुर्ग, बल्कि फोरजी जमाने के युवा भी इसे बड़े चाव से देखते हैं और मनोरंजन करने के साथ-साथ सीख भी लेते हैं। सन् 1895 से चली आ रही रामलीला की रौनक आज भी वैसे ही बरकरार है, जैसा की 122 वर्ष पहले थी। सबसे रोचक बात ये है कि इस रामलीला की शुरूआत हिंदू-मुस्लिम मिलकर किए थे, इस हिसाब से यहां की रामलीला गंगा-यमुनी तहजीब को भी दर्शती है।
विज्ञापन

15 अक्टूबर 1895 में इकबाल नारायण लाल की अध्यक्षता में रामलीला का मंचन शुरू हुआ। जिसमें मुर्तजा खां, हबीब मियां, धर्मराज सिंह, महादेव राम, माधव राम मुख्य रूप से इसकी नींव रखी। तब से रामलीला अनवरत चली आ रही थी की 1942 में अंग्रेजों द्वारा रामलीला की समस्त सामग्री अंग्रेजों ने दहन कर दिया। लेकिन रामलीला प्रेमी 1943 में ब्रह्मप्रकाश नारायण लाल, कन्हैया सिंह, हरिनारायण गुप्त, वीर बहादुर सिंह, श्यामरथी रामराज, उमाशंकर सिंह, राजकुमार सिंह, परशुराम सिंह ने द्वितीय पीढ़ी की शुरूआत की। नतीजतन आज 122वें वर्ष में यहां की रामलीला प्रवेश कर गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed