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गंगा की दुर्दशा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार: रमाशंकर11

Sun, 11 Nov 2018 10:12 PM IST
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:12 PM IST
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गंगा की दुर्दशा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार: रमाशंकर11
बलिया। उत्तराखंड के जल परियोजनाओं के कारण ही गंगा के जीवन पर संकट आया है। बांधों में कैद गंगा की गुलामी तोड़ने के लिए जरूरी है कि पतित पावनी की रक्षा के लिए स्वतंत्रता आंदोलन की तर्ज पर गांवों की गोद से संघर्ष तेज किया जाए। गांव के लोग यदि जाग गए तो गंगा अविरल हो जाएंगी और निर्मल भी।
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यह बातें गंगा गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने कहीं। वे रविवार को महावीर घाट स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित जन अदालत एवं गंगा की फरियाद विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गंगा के नाम पर करोड़ों रुपये पानी में बहा रही है। कहा कि गंगा जल से बिजली बनाने का लोभ छोड़ना होगा। केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति की कमी के कारण गंगा, यमुना, गोमती, तमसा आदि नदियां प्रदूषित हो रही हैं।
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कहा कि यह विडंबना है कि देश में सियासत और निजी तथा व्यापारिक हित में बड़े-बड़े आंदोलन चलाए जा रहे हैं। बताया कि गंगा की दुर्दशा के लिए अब तक केंद्र में रही सरकारें जिम्मेदार हैं। इस मौके पर डॉ. शक्ति कुमार सिंह, समीर पांडेय, रविंद्र पांडेय, पारस पांडेय, हरिकेंद्र सिंह, पन्नाचार्य महाराज, अजय पाल सिंह, ओमप्रकाश पांडेय, संजय कुमार सिंह, सुरेंद्र साहू, अमित पांडेय, भोला आदि रहे। अध्यक्षता निखिल कुमार पांडेय तथा कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के महंथ मुन्ना बाबा ने किया।
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