{"_id":"5b9bff3b867a557eb2062238","slug":"201536950075-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज भी 50 फीसदी पीड़ित राहत सामग्री जो रहे बाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज भी 50 फीसदी पीड़ित राहत सामग्री जो रहे बाट
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयप्रकाशनगर। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों के गांवों के लिए पूरी मुस्तैदी से अपने नुमाइंदों को निर्देशित किया है कि पूरे प्रदेश में बाढ़ राहत सामग्री पहुंचाने में कोई कसर बाकी नहीं होनी चाहिए। यहां तक कि कुछ दिन पूर्व बाढ़ राहत सामग्री को अपने आवास से ही भेजकर इसका उद्घाटन भी किया था लेकिन फरमान के अनुसार अभी तक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बाशिंदों को पूरी तरह वितरण कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसे लेकर बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री पाने के लिए जद्दोजहद जारी है।
क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित पंचायतों में चांददीयर पंचायत के करीब पांच हजार परिवार, इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगावा) के करीब 2500 परिवार, कोड़रहा नौबरार पंचायत के करीब दो सौ परिवार बाढ़ पीड़ित है लेकिन इन बाढ़ पीड़ितों में अब तक 50 फीसदी लोगों को ही बाढ़ राहत सामग्री प्राप्त हो सकी है। वही इन बाढ़ प्रभावित गांवों के जो पशुुुपालक है, उनके सभी खेत बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। भूसा बाढ़ में बह गए। ऐसे में वह अपने पशुओं को पुरानी रेलवे लाइन पर तो कही एनएच पर सुरक्षित रखे है लेकिन शासन अब तक बाढ़ पीड़ितों को तो कुछ बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध करा भी दिया लेकिन पशुओं के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन
क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित पंचायतों में चांददीयर पंचायत के करीब पांच हजार परिवार, इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगावा) के करीब 2500 परिवार, कोड़रहा नौबरार पंचायत के करीब दो सौ परिवार बाढ़ पीड़ित है लेकिन इन बाढ़ पीड़ितों में अब तक 50 फीसदी लोगों को ही बाढ़ राहत सामग्री प्राप्त हो सकी है। वही इन बाढ़ प्रभावित गांवों के जो पशुुुपालक है, उनके सभी खेत बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। भूसा बाढ़ में बह गए। ऐसे में वह अपने पशुओं को पुरानी रेलवे लाइन पर तो कही एनएच पर सुरक्षित रखे है लेकिन शासन अब तक बाढ़ पीड़ितों को तो कुछ बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध करा भी दिया लेकिन पशुओं के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन