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फसलों पर पाला का प्रभाव देख कृषि रक्षा विभाग अलर्ट
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:17 PM IST
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बलिया। कड़ाके की पड़ रही ठंड को देखते हुए कृषि रक्षा विभाग ने किसानों को अलर्ट किया है। विभाग ने ठंड को देखते हुए पाला पड़ने की आशंका जताई है जो फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। विभाग ने किसानों को पाला से बचाव के टिप्स भी जारी किए हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी की मानें तो सर्दी के मौसम से पाला व शीत लहर से फसलों के प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। पाले के प्रभाव से पौधों की पत्तियां व फूल झुलसे हुए दिखाई देते हैं और बाद में झड़ जाते हैं। इसके चलते फलियों व बालियों में दाने नहीं लग पाते हैं। बताया कि खासकर आलू की फसलों पर पाला का प्रकोप तेज होता है। इसके पत्तियों के सूखने के कारण पैदावार प्रभावित हो जाता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को पाला से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इसके अलावा खेतों के आसपास व मेड़ों आदि पर धुंआ करने से भी फसलों को पाला बचाव किया जा सकता है। बताया कि फसलों पर 80 फीसदी सल्फर तीन किग्रा प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव या सल्फर 80 फीसदी को 40 ग्राम 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर फसलों को पाला से बचाया जा सकता है। आलू की फसलों पर डाइथेन एम 45 का छिड़काव कर उसे पाला से बचाया जा सकता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि ठंड व पाला से फसलों को बचाने के लिए किसानों को दीर्घकालिक उपाय भी करने चाहिए। इसके लिए खेतों के उत्तर-पश्चिम मेड़ पर तथा बीच-बीच में वायु अवरोध पेड़ जैसे शहतूत, शीशम, बबूल, खेजड़ी, जामुन लगाना चाहिए।
इनसेट...
वर्तमान में पड़ रही कड़ाके की ठंड से फसलों पर पाला का प्रभाव होने की संभावना है। इससे बचाव को किसानों को टिप्स जारी किए गए हैं। सभी कृषि रक्षा इकाईयों पर दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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प्रियानंदा जिला कृषि रक्षा अधिकारी, बलिया
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी की मानें तो सर्दी के मौसम से पाला व शीत लहर से फसलों के प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। पाले के प्रभाव से पौधों की पत्तियां व फूल झुलसे हुए दिखाई देते हैं और बाद में झड़ जाते हैं। इसके चलते फलियों व बालियों में दाने नहीं लग पाते हैं। बताया कि खासकर आलू की फसलों पर पाला का प्रकोप तेज होता है। इसके पत्तियों के सूखने के कारण पैदावार प्रभावित हो जाता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को पाला से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इसके अलावा खेतों के आसपास व मेड़ों आदि पर धुंआ करने से भी फसलों को पाला बचाव किया जा सकता है। बताया कि फसलों पर 80 फीसदी सल्फर तीन किग्रा प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव या सल्फर 80 फीसदी को 40 ग्राम 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर फसलों को पाला से बचाया जा सकता है। आलू की फसलों पर डाइथेन एम 45 का छिड़काव कर उसे पाला से बचाया जा सकता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि ठंड व पाला से फसलों को बचाने के लिए किसानों को दीर्घकालिक उपाय भी करने चाहिए। इसके लिए खेतों के उत्तर-पश्चिम मेड़ पर तथा बीच-बीच में वायु अवरोध पेड़ जैसे शहतूत, शीशम, बबूल, खेजड़ी, जामुन लगाना चाहिए।
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वर्तमान में पड़ रही कड़ाके की ठंड से फसलों पर पाला का प्रभाव होने की संभावना है। इससे बचाव को किसानों को टिप्स जारी किए गए हैं। सभी कृषि रक्षा इकाईयों पर दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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प्रियानंदा जिला कृषि रक्षा अधिकारी, बलिया