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अनावश्यक मुकदमा लड़ने से भला नहीं
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:06 PM IST
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बैरिया। जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में शुक्रवार को बैरिया तहसील के सभागार में नि:शुल्क विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अध्यक्षता कर रहे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया न्यायधीश राजमणि जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया।
उपजिलाधिकारी राधेश्याम पाठक ने कहा कि अनावश्यक मुकदमा लड़ने से किसी का भला नहीं हो सकता। सचिव राजमणि ने कहा कि आज के समय मे साक्षर व निरक्षर दोनों ही अपने विचारों व अपने परिवार के विकास के प्रति गंभीर नहीं है, जिससे विवादों के भंवर जाल में फंसे हुए हैं। यही वजह है कि न्यायालयों में मुकदमों की भरमार है, पांच सौ मुकदमे की जगह सीजेएम के न्यायालय में 20 हजार, एसीजेएम के न्यायालय में 15 हजार मुकदमे लंबित है। ऐसी हालत में लोक अदालत के माध्यम से मेडीएशन, कलसीडेशन व आरबिदेशन सेंटर बनाए गए हैं। गरीब वादकारी के लिए भी नि:शुल्क न्याय की व्यवस्था प्राधिकरण के तरफ से उपलब्ध कराई जाती है। गोष्ठी से सदस्य स्थाई लोक आदालत सपना पांडेय, एसडीएम राधेश्याम पाठक , सचिव/तहसीलदार एमएस चौहान, नायब तहसीलदार शशिकान्त मणि, कानूनगो कैलाश बिहारी श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर गिरी के अलावा तहसील के अधिवक्ता, लेखपाल , राजस्व निरीक्षक, तहसील कर्मी व वादकारी मौजूद रहे। संचालन सदस्य विधिक सेवा प्रधिकरण अधिवक्ता अजीत सिंह ने किया।
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उपजिलाधिकारी राधेश्याम पाठक ने कहा कि अनावश्यक मुकदमा लड़ने से किसी का भला नहीं हो सकता। सचिव राजमणि ने कहा कि आज के समय मे साक्षर व निरक्षर दोनों ही अपने विचारों व अपने परिवार के विकास के प्रति गंभीर नहीं है, जिससे विवादों के भंवर जाल में फंसे हुए हैं। यही वजह है कि न्यायालयों में मुकदमों की भरमार है, पांच सौ मुकदमे की जगह सीजेएम के न्यायालय में 20 हजार, एसीजेएम के न्यायालय में 15 हजार मुकदमे लंबित है। ऐसी हालत में लोक अदालत के माध्यम से मेडीएशन, कलसीडेशन व आरबिदेशन सेंटर बनाए गए हैं। गरीब वादकारी के लिए भी नि:शुल्क न्याय की व्यवस्था प्राधिकरण के तरफ से उपलब्ध कराई जाती है। गोष्ठी से सदस्य स्थाई लोक आदालत सपना पांडेय, एसडीएम राधेश्याम पाठक , सचिव/तहसीलदार एमएस चौहान, नायब तहसीलदार शशिकान्त मणि, कानूनगो कैलाश बिहारी श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर गिरी के अलावा तहसील के अधिवक्ता, लेखपाल , राजस्व निरीक्षक, तहसील कर्मी व वादकारी मौजूद रहे। संचालन सदस्य विधिक सेवा प्रधिकरण अधिवक्ता अजीत सिंह ने किया।
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