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स्वामीनाथन की सिफारिशें लागू करने की मांग
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:19 PM IST
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बलिया। स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर लोकस्वातंत्र्य संगठन पीयूसीएल की जिला इकाई ने बुधवार को सड़क मार्च किया। जिसमें अधिवक्ता, शिक्षक, पत्रकार, समाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ ही किसान, युवा और प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सड़क मार्च नगर के शहीद पार्क स्थित गांधी प्रतिमा से सुबह नौ बजे आरंभ हुई, जो नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए चित्तू पांडेय चौराहा, टाउन स्कूल होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचा। जहां संगठन के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1995 से 2015 तक देश भर में तीन लाख 18258 किसानों ने खेती में हो रहे घाटे और बढ़ते कर्ज के चलते आत्महत्या कर लिया। वर्ष 2001 से 2011 के बीच 90 लाख किसान खेती किसानी से विमुख होकर शहर की ओर पलायित हो गए। संगठन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, देश में कारगर राष्ट्रीय कृषि नीति बनाने, उत्पादन लागत में लागत का 50 फीसदी जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने, घोषित समर्थन मूल्य पर किसान की उपज खरीदने, खेती किसानी और आधुनिक तकनीकि से जोड़ने और इसे बाजारोंमुख बनाने की मांग की है। इस मौके पर रणजीत सिंह, डा. अखिलेश सिन्हा, उदयनारायण सिंह, शैलेश सिंह, रामकृष्ण यादव, अरूण सिंह, असगर अली, डा. हरिमोहन, मंजूर आलम, तेजनारायण, जनार्दन सिंह, बलवंत यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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सड़क मार्च नगर के शहीद पार्क स्थित गांधी प्रतिमा से सुबह नौ बजे आरंभ हुई, जो नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए चित्तू पांडेय चौराहा, टाउन स्कूल होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचा। जहां संगठन के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
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ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1995 से 2015 तक देश भर में तीन लाख 18258 किसानों ने खेती में हो रहे घाटे और बढ़ते कर्ज के चलते आत्महत्या कर लिया। वर्ष 2001 से 2011 के बीच 90 लाख किसान खेती किसानी से विमुख होकर शहर की ओर पलायित हो गए। संगठन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, देश में कारगर राष्ट्रीय कृषि नीति बनाने, उत्पादन लागत में लागत का 50 फीसदी जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने, घोषित समर्थन मूल्य पर किसान की उपज खरीदने, खेती किसानी और आधुनिक तकनीकि से जोड़ने और इसे बाजारोंमुख बनाने की मांग की है। इस मौके पर रणजीत सिंह, डा. अखिलेश सिन्हा, उदयनारायण सिंह, शैलेश सिंह, रामकृष्ण यादव, अरूण सिंह, असगर अली, डा. हरिमोहन, मंजूर आलम, तेजनारायण, जनार्दन सिंह, बलवंत यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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