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2003 का रिकार्ड टूटा, ध्वस्त हो सकता है एनएच 31
balia
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:45 PM IST
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राहत और बचाव के लिए अपनी बोट ले जाते एनडीआरएफ के जवान।
- फोटो : balia
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जिले में गंगा और घाघरा हाहाकार मचा रही हैं। रविवार को बाढ़ ने वर्ष 2003 का रिकार्ड तोड़ दिया। रामगढ़ के पास एनएच 31 पर गंगा के पानी का दबाव बढ़ गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पानी ओवरफ्लो हो रहा है। ऐसे में एनएच कभी भी ध्वस्त हो सकता है।
जिला प्रशासन की तरफ से एनएच के बचाव के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासन की तरफ से नावें भी लगाई गई हैं। उधर, बलिया छपरा रेल रूट पर 11 घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद दोपहर से काशन के सहारे ट्रेनों को चलाया जा रहा है। रविवार की सुबह करीब 11 बजे बाढ़ ने 2003 के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, वर्ष 2003 में बाढ़ ने रामगढ़ समेत जिले के कई गांवों में जमकर तबाही मचाई थी।
उस दौरान जलस्तर 60.25 मीटर तक गया था, लेकिन रविवार की सुबह करीब 11 बजे पानी 60.310 मीटर पर पहुंच गया। साथ ही जलस्तर में 01 सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव बना हुआ है। एनएच-31 के किनारे दक्षिण में बसे करीब 100 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। लोग अपने सामान संग राजमार्ग पर शरण लिए हुए हैं। बैरिया तहसील के रामगढ़, सुघरछपरा, केहरपुर, श्रीनगर, सतीघाट, भुसौला, लालगंज, इब्राहिमाबाद नौबरार, (आठगॉंवा) आदि इलाके पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। इन इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। रामगढ़ के चौबेछपरा, श्रीनगर में कटान रविवार को भी जारी रही। करीब एक दर्जन मकान नदी की धारा में विलीन हो गए।
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जिला प्रशासन की तरफ से एनएच के बचाव के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासन की तरफ से नावें भी लगाई गई हैं। उधर, बलिया छपरा रेल रूट पर 11 घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद दोपहर से काशन के सहारे ट्रेनों को चलाया जा रहा है। रविवार की सुबह करीब 11 बजे बाढ़ ने 2003 के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, वर्ष 2003 में बाढ़ ने रामगढ़ समेत जिले के कई गांवों में जमकर तबाही मचाई थी।
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उस दौरान जलस्तर 60.25 मीटर तक गया था, लेकिन रविवार की सुबह करीब 11 बजे पानी 60.310 मीटर पर पहुंच गया। साथ ही जलस्तर में 01 सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव बना हुआ है। एनएच-31 के किनारे दक्षिण में बसे करीब 100 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। लोग अपने सामान संग राजमार्ग पर शरण लिए हुए हैं। बैरिया तहसील के रामगढ़, सुघरछपरा, केहरपुर, श्रीनगर, सतीघाट, भुसौला, लालगंज, इब्राहिमाबाद नौबरार, (आठगॉंवा) आदि इलाके पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। इन इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। रामगढ़ के चौबेछपरा, श्रीनगर में कटान रविवार को भी जारी रही। करीब एक दर्जन मकान नदी की धारा में विलीन हो गए।
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