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छूट नहीं रहा वीआईपी का लोभ
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:49 PM IST
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बलिया। हाईकोर्ट की मनाही के बाद सरकारी वाहनों से तो पद नाम के बोर्ड हटा दिए गए। बावजूद इसके वीआईपी का मोह अब भी जिले के आला अफसरों से नहीं छूट रहा है। बाबुओं ने इसका तोड़ निकाल लिया है। वे निजी वाहनों पर उत्तर प्रदेश सरकार अथवा भारत सरकार लिखवा कर चल रहे हैं। ऐसे वाहनों पर रोक लगाने के लिए परिवहन /पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए गए। लेकिन आज भी सरकारी तथा निजी वाहनों पर पदनाम और विभाग का नाम लिखकर चला जा रहा है।
हाईकोर्ट ने सरकारी और गैर सरकारी वाहनों पर जिले के आला अफसरों को पदनाम और उप्र सरकार या भारत सरकार लिखने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट की मनाही के बाद आला अफसरों विभागीय पदनाम के बोर्ड तो हटा दिए लेकिन आज भी सरकारी और गैर सरकारी वाहनों पर अधिकारियों के पदनाम के साथ ही उप्र सरकार और भारत सरकार लिखा हुआ है। इसका फायदा कई बार तो अपराधिक तत्व भी इसका फायदा उठा लेते है। इसकी पड़ताल की गई तो कई ऐसे वाहन मिले जिन पर सरकारी अफसरों के पदनाम के स्टीकर लगे मिले।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रामसिंह का कहना है कि वाहनों पर पदनाम लिखने की मनाही है। फिर भी लोग लिखकर चल रहे है। इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता रहा है। इस मामले में अबतक सौ से अधिक वाहनों को पकड़कर उनसे समन शुल्क वसूला गया है।
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हाईकोर्ट ने सरकारी और गैर सरकारी वाहनों पर जिले के आला अफसरों को पदनाम और उप्र सरकार या भारत सरकार लिखने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट की मनाही के बाद आला अफसरों विभागीय पदनाम के बोर्ड तो हटा दिए लेकिन आज भी सरकारी और गैर सरकारी वाहनों पर अधिकारियों के पदनाम के साथ ही उप्र सरकार और भारत सरकार लिखा हुआ है। इसका फायदा कई बार तो अपराधिक तत्व भी इसका फायदा उठा लेते है। इसकी पड़ताल की गई तो कई ऐसे वाहन मिले जिन पर सरकारी अफसरों के पदनाम के स्टीकर लगे मिले।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रामसिंह का कहना है कि वाहनों पर पदनाम लिखने की मनाही है। फिर भी लोग लिखकर चल रहे है। इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता रहा है। इस मामले में अबतक सौ से अधिक वाहनों को पकड़कर उनसे समन शुल्क वसूला गया है।
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