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अवैध कब्जा व अतिक्रमण को लेकर विभाग उदासीन

Sat, 19 Jan 2019 10:22 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 10:22 PM IST
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अवैध कब्जा व अतिक्रमण को लेकर विभाग उदासीन
बलिया। सरकारी जमीनों से अतिक्रमण और कब्जा हटाने में राजस्व विभाग उदासीनता बरत रहा है। कई मामलों में तो शिकायत और कोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई में हीलाहवाली जारी है। हालांकि राजस्व विभाग का दावा है कि बीते दो सालों में करीब दो हजार मामलों में कार्रवाई की गई और 55.832 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
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शासन के निर्देश के बावजूद सार्वजनिक जमीनों से अतिक्रमण हटाने को प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। शिकायतों को भी राजस्व विभाग ठंडे बस्ते में डाल देता है। सरकार ने 20 माह पहले आठ मई को शासनादेश जारी किया था। इसके तहत प्रभावशाली और दबंग व्यक्तियों, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी भूमियों, धार्मिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों, लावारिस संपत्तियों के अलावा गरीब व कमजोर व्यक्तियों की भूमि पर कब्जा हटाया जाना था। खासकर गांवों में स्थित सार्वजनिक उपयोग की भूमि, तालाब, पोखरे, चारागाह, कब्रिस्तान, श्मशान, कुंआ, सड़क किनारे की जमीन, चकमार्ग, चकनाली आदि पर अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई का प्रावधान था लेकिन जिले में यह शासनादेश महज दिखावा बनकर रह गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अतिक्रमण ज्यों का त्यों बना हुआ है। यहां तक कि आज भी सार्वजनिक जमीनों पर दबंग निर्माण आदि कराने से नहीं हिचक रहे हैं। खासकर अतिक्रमण और कब्जा हटाने के मामले में राजस्व विभाग के अधिकारी उदासीनता बरतते हैं और बहानेबाजी कर मामले को लटकाने का काम करते हैं। शासन के निर्देश पर जिले में गठित एंटी भूमाफिया टास्क समिति महज दिखावा बनकर रह गया है जबकि इसमें राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
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