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मनरेगा आयुक्त के निर्देश पर शुरु हुई जांच
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:36 PM IST
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बलिया। दुबहड़ ब्लॉक में रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान को लेकर किए गए गड़बड़झाले की जांच शुरू हो गई है। शनिवार को मनरेगा उपायुक्त ने दुबहड़ ब्लॉक पर पहुंचकर पत्रावलियों को खंगाला। इस मामले को अमर उजाला ने ढाई माह पहले खुलासा किया था और इसके बाद रोजगार सेवकों ने मनरेगा आयुक्त से शिकायत कर जांच की मांग की थी। जिले में मनरेगा योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। कुछ माह पहले शहर के निवासी नारायण कुमार ने जिले भर के रोजगार सेवकों के कार्य व भुगतान के बाबत जानकारी सूचना अधिकार के तहत मांगी थी। हालांकि यह जानकारी अधिकारियों ने तब दी जब अफसरों को सूचना नहीं देने के कारण राज्य सूचना आयोग ने तलब किया। मिली जानकारी के दुबहड़ ब्लाक में एक जनवरी 2012 से 31 मार्च 2014 तक कुल 39 रोजगार सेवकों को मानदेय देने के लिए शासन से 11.85 लाख की धनराशि मिली लेकिन ब्लाक स्तर पर कुल 40 रोजगार सेवकों को वितरित किया गया। इसमें दोपही, गजियापुर, शिवपुर दीयर नंबरी व टघरौली गांव के रोजगार सेवक शामिल नहीं किए गए। बताया जाता है कि घोड़हरा व सहरसपाली गांव के रोजगार सेवक बिहार प्रांत में शिक्षक बन चुके हैं और उन्होंने रोजगार सेवक पद से इस्तीफा भी दे दिया है। इसके बावजूद वर्ष 2016-17 में ब्लाक में रोजगार सेवकों की संख्या 39 ही है इनके अवशेष मानदेय भुगतान के लिए 1092630 रुपये शासन से मांग की गई है। अभिलेखों को देखें तो तीन साल पहले सूची में शामिल नहीं होने वाले गजियापुर के रोजगार सेवक संतोष कुमार, मोहनछपरा के मृतक रोजगार सेवक अविनाश पांडेय, शिवपुर दीयर नंबर के रोजगार सेवक राजू यादव व टघरौली के रोजगार सेवक श्रीमती पूनम यादव का नाम शामिल किया गया है। जबकि ब्लाक स्तरीय अधिकारियों ने 27 अप्रैल 2016 के आदेश में गजियापुर रोजगार सेवक पद को रिक्त मानते हुए ओझवलिया के रोजगार सेवक लक्ष्मण प्रसाद को अतिरिक्त कार्यभार भी दिया है। बताया जाता है कि काम नहीं करने वाले रोजगार सेवकों के नाम पर शासन से धन की मांग कर गोलमाल किया जाता है। इस बाबत ब्लॉक के ही रोजगार सेवक लक्ष्मण प्रसाद ने मनरेगा आयुक्त से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। मनरेगा आयुक्त ने इस बाबत मामले की जांच कर रिपोर्ट मनरेगा उपायुक्त से मांगी है। इसको लेकर शनिवार को मनरेगा उपायुक्त व बीडीओ ने रोजगार सेवकों से संबंधित पत्रावलियों को खंगालने का काम किया। यूके पाठक , उपायुक्त, श्रम एवं रोजगार मनरेगा, दुबहड़ ब्लॉक में रोजगार सेवकों की संख्या व मानदेय में गड़बड़ी होने की जांच शासन के निर्देश पर की जा रही है। इस बाबत पत्रावलियों की भी जांच की गई और बीडीओ से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
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