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एजेंसी भुगतान रोके तो कराएं मुकदमा
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:45 PM IST
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बलिया। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से रखे गए कर्मियों के भुगतान रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने साफ कहा है कि जिन विभागों में आउटसोर्सिंग से कर्मी रखे गए हैं, वहां सरकारी पैसा एजेंसी को भेजने के बाद अगर समय से कर्मी को भुगतान नहीं होता है तो उसका कारण देख लें। अनावश्यक भुगतान रोके रखने की स्थिति में सीधे एजेंसी पर मुकदमा दर्ज कराएं।
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा में आउटसोर्सिंग से रखे गए कर्मियों के लम्बित भुगतान पर नाराजगी जताई। कहा कि 8-10 हजार पर काम करने वाले कर्मियों का कई महीने भुगतान रोकना अत्यंत ही दुखद है। ऐसी स्थिति क्षम्य योग्य नहीं होगी। उन्होंने बैठक में ही मुख्य कोषाधिकारी, अपर जिलाधिकारी व जॉइंट मजिस्ट्रेट की त्रि-स्तरीय कमेटी गठित करते हुए जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। कहा कि सरकारी पैसे कब एजेंसी को दिए गए और एजेंसी ने कब किस आउटसोर्सिंग कर्मी को भुगतान किया, ईपीएफ कटा या नहीं। इन सब विन्दुओं पर बकायदा जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। वहीं इसका पूरा विवरण भी बेसिक शिक्षा अधिकारी से 20 दिसम्बर तक मांगा। सवाल किया कि भुगतान लंबित रहा, इसकी शिकायत मिली तो एजेंसी पर एफआईआर क्यों नहीं हुआ ? स्वास्थ्य विभाग में ऐसी ही स्थिति की शिकायत मिलने पर खेद जताते हुए सीएमओ को निस्तारित करने को कहा है।
इनसेट...
अवैध कब्जे पर लगाई क्लास
बलिया। जिलाधिकारी ने अवैध कब्जों ओर सख्ती दिखाते हुए सभी अधिकारियों को सख्त चेतवनी दी। प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल किया कि चकरोड, तालाब, खलिहान व अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति पर अतिक्रमण हटाने में शिथिलता क्यों ? अभियान चलाकर 15 दिन के अंदर सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटवा देने का सख्त आदेश दिया।
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कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा में आउटसोर्सिंग से रखे गए कर्मियों के लम्बित भुगतान पर नाराजगी जताई। कहा कि 8-10 हजार पर काम करने वाले कर्मियों का कई महीने भुगतान रोकना अत्यंत ही दुखद है। ऐसी स्थिति क्षम्य योग्य नहीं होगी। उन्होंने बैठक में ही मुख्य कोषाधिकारी, अपर जिलाधिकारी व जॉइंट मजिस्ट्रेट की त्रि-स्तरीय कमेटी गठित करते हुए जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। कहा कि सरकारी पैसे कब एजेंसी को दिए गए और एजेंसी ने कब किस आउटसोर्सिंग कर्मी को भुगतान किया, ईपीएफ कटा या नहीं। इन सब विन्दुओं पर बकायदा जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। वहीं इसका पूरा विवरण भी बेसिक शिक्षा अधिकारी से 20 दिसम्बर तक मांगा। सवाल किया कि भुगतान लंबित रहा, इसकी शिकायत मिली तो एजेंसी पर एफआईआर क्यों नहीं हुआ ? स्वास्थ्य विभाग में ऐसी ही स्थिति की शिकायत मिलने पर खेद जताते हुए सीएमओ को निस्तारित करने को कहा है।
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अवैध कब्जे पर लगाई क्लास
बलिया। जिलाधिकारी ने अवैध कब्जों ओर सख्ती दिखाते हुए सभी अधिकारियों को सख्त चेतवनी दी। प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल किया कि चकरोड, तालाब, खलिहान व अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति पर अतिक्रमण हटाने में शिथिलता क्यों ? अभियान चलाकर 15 दिन के अंदर सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटवा देने का सख्त आदेश दिया।
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