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आठ से दस घंटे ही मिल रही बिजली
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बैरिया। विद्युत तारों के बार-बार टूटने, फाल्ट के चलते इन दिनों ग्रामीण इलाकों में 18 की जगह आठ से दस घंटे ही बिजली मिल रही है। गर्मी शुुरू होते ही तकनीकी गड़बड़ी बढ़ गई है।
इलाके में लगे विद्युत तार काफी जर्जर हो गए हैं कि आपूर्ति शुुरू होते ही कहीं न कहीं टूट कर गिरता है आपूर्ति ठप हो जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पूर्व की सरकारों में भी दो शिफ्टों में 12 घंटे आपूर्ति का प्रावधान किया गया लेकिन कभी भी इस इलाके को रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिली। वर्ष 2017 में प्रदेश में आई नई सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति देने की घोषणा की लेकिन यह भी हवाहवाई ही साबित हो रही है। आलम यह है कि रामपुरदीघार विद्युत उपकेंद्र से बैरिया तक का 33 हजार व 11 हजार का विद्युत तार जर्जर है। जर्जर तार नहीं बदले जाने के कारण आए दिन बिजली की आपूर्ति बाधित होती है।
क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विभाग कवायद में जुटा है। रामपुरदीघार उपकेंद्र की क्षमता वृद्घि के लिए पहले से लगे 20 एमवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 40 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। इसके चलते विभाग 21 से 28 अप्रैल तक सुबह पांच से 11 बजे सुबह व शाम को पांच से 11 बजे रात तक द्वाबा में दो शिफ्टों में 12 घंटे आपूर्ति देने का रोस्टर तय किया है लेकिन यह भी हवाहवाई साबित हो रहा है और मुश्किल से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। आलम यह है कि आपूर्ति के दौरान भी अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
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बैरिया परिक्षेत्र के जेई कमलेश कुमार ने बताया कि जर्जर तारों के चलते आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जब तक इसे नहीं बदला जाएगा तब तक यह समस्या रहेगी। इस कार्य के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है।
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इलाके में लगे विद्युत तार काफी जर्जर हो गए हैं कि आपूर्ति शुुरू होते ही कहीं न कहीं टूट कर गिरता है आपूर्ति ठप हो जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पूर्व की सरकारों में भी दो शिफ्टों में 12 घंटे आपूर्ति का प्रावधान किया गया लेकिन कभी भी इस इलाके को रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिली। वर्ष 2017 में प्रदेश में आई नई सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति देने की घोषणा की लेकिन यह भी हवाहवाई ही साबित हो रही है। आलम यह है कि रामपुरदीघार विद्युत उपकेंद्र से बैरिया तक का 33 हजार व 11 हजार का विद्युत तार जर्जर है। जर्जर तार नहीं बदले जाने के कारण आए दिन बिजली की आपूर्ति बाधित होती है।
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क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विभाग कवायद में जुटा है। रामपुरदीघार उपकेंद्र की क्षमता वृद्घि के लिए पहले से लगे 20 एमवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 40 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। इसके चलते विभाग 21 से 28 अप्रैल तक सुबह पांच से 11 बजे सुबह व शाम को पांच से 11 बजे रात तक द्वाबा में दो शिफ्टों में 12 घंटे आपूर्ति देने का रोस्टर तय किया है लेकिन यह भी हवाहवाई साबित हो रहा है और मुश्किल से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। आलम यह है कि आपूर्ति के दौरान भी अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
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बैरिया परिक्षेत्र के जेई कमलेश कुमार ने बताया कि जर्जर तारों के चलते आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जब तक इसे नहीं बदला जाएगा तब तक यह समस्या रहेगी। इस कार्य के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है।