{"_id":"5cfe8879bdec22072e6f9b0e","slug":"15601849451-ballia-news39","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना बेटी वालों को भी दे दिया गया शादी अनुदान का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना बेटी वालों को भी दे दिया गया शादी अनुदान का लाभ
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बलिया। शादी अनुदान योजना में गड़बड़ी की परत-दर परत खुलती जा रही है। वर्ग व जाति बदलकर अनुदान देने का मामला उजागर हो चुका है। अब यह भी बात सामने आई है कि जिसकी बेटी नहीं है उसे भी शादी अनुदान दे दिया गया है।
जिला समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गोलमाल उजागर हुआ है। योजना की धनराशि को शासन के नियमों को ताक पर रखकर खर्च किया गया है। करीब एक माह पहले समाज कल्याण विभाग के सदर व रसड़ा तहसील के पर्यवेक्षक ने दुबहड़ ब्लाक के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो सामने आया कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को गलत तरीके से भुगतान किया गया है। इसके बाद सामने आया कि गड़वार ब्लॉक के पियरिया गांव के पति, पत्नी व बेटी को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाता खोलवाकर अनुदान का भुगतान किया गया है।
अब सामने आया है कि विभागीय मिलीभगत से कई गांवों में ऐसे लाभार्थियों को भी शादी अनुदान दिया गया है जिसकी कोई बेटी ही नहीं है। हनुमानगंज ब्लॉक के सलेमपुर गांव के मीना देवी को बेटी की शादी के लिए पूर्वांचल बैंक की सलेमपुर शाखा में स्थित खाता संख्या 75043153813 में किया गया है। जबकि गांव के परिवार पंजिका के क्रम संख्या 79 पर अंकित मीना देवी की कोई बेटी नहीं है। इतना ही नहीं यह बैंक चिलकहर ब्लॉक के सलेमपुर में स्थित है जो सलेमपुर लाभार्थी के गांव से 35 किमी दूूर है। इसी गांव के कांति देवी को भी बेटी की शादी के लिए बांसडीह स्थित एसबीआई की शाखा में खाता संख्या 32416743039 में अनुदान भेजा गया है जो गांव से 30 किमी दूर है। जबकि सलेमपुर गांव के परिवार पंजिका के क्रम संख्या 49 अंकित कांति की कोई बेटी नहीं है। इसी तरह सलेमपुर गांव के उत्तमचंद को बेटी की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से पूर्वांचल बैंक की शंकरपुर शाखा के खाता संख्या 75035615178 में अनुदान की धनराशि भेजी गई है। जबकि सलेमपुर गांव के परिवार पंजिका के क्रम संख्या 58 पर अंकित उत्तचंद्र की कोई बेटी नहीं है।
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समाज कल्याण अधिकारी तिलकधारी ने बताया कि शादी अनुदान के लिए लाभार्थियों की ओर से ऑनलाइन आवेदन किए गए थे जिसकी जांच संबंधित ब्लॉकों की ओर से की गई है। इसके बाद आवेदन को स्वीकृति के लिए ऑनलाइन भेजा गया। इसके बाद ही भुगतान की कार्रवाई की गई। जांच कराई जा रही है और अपात्र पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गोलमाल उजागर हुआ है। योजना की धनराशि को शासन के नियमों को ताक पर रखकर खर्च किया गया है। करीब एक माह पहले समाज कल्याण विभाग के सदर व रसड़ा तहसील के पर्यवेक्षक ने दुबहड़ ब्लाक के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो सामने आया कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को गलत तरीके से भुगतान किया गया है। इसके बाद सामने आया कि गड़वार ब्लॉक के पियरिया गांव के पति, पत्नी व बेटी को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाता खोलवाकर अनुदान का भुगतान किया गया है।
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अब सामने आया है कि विभागीय मिलीभगत से कई गांवों में ऐसे लाभार्थियों को भी शादी अनुदान दिया गया है जिसकी कोई बेटी ही नहीं है। हनुमानगंज ब्लॉक के सलेमपुर गांव के मीना देवी को बेटी की शादी के लिए पूर्वांचल बैंक की सलेमपुर शाखा में स्थित खाता संख्या 75043153813 में किया गया है। जबकि गांव के परिवार पंजिका के क्रम संख्या 79 पर अंकित मीना देवी की कोई बेटी नहीं है। इतना ही नहीं यह बैंक चिलकहर ब्लॉक के सलेमपुर में स्थित है जो सलेमपुर लाभार्थी के गांव से 35 किमी दूूर है। इसी गांव के कांति देवी को भी बेटी की शादी के लिए बांसडीह स्थित एसबीआई की शाखा में खाता संख्या 32416743039 में अनुदान भेजा गया है जो गांव से 30 किमी दूर है। जबकि सलेमपुर गांव के परिवार पंजिका के क्रम संख्या 49 अंकित कांति की कोई बेटी नहीं है। इसी तरह सलेमपुर गांव के उत्तमचंद को बेटी की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से पूर्वांचल बैंक की शंकरपुर शाखा के खाता संख्या 75035615178 में अनुदान की धनराशि भेजी गई है। जबकि सलेमपुर गांव के परिवार पंजिका के क्रम संख्या 58 पर अंकित उत्तचंद्र की कोई बेटी नहीं है।
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समाज कल्याण अधिकारी तिलकधारी ने बताया कि शादी अनुदान के लिए लाभार्थियों की ओर से ऑनलाइन आवेदन किए गए थे जिसकी जांच संबंधित ब्लॉकों की ओर से की गई है। इसके बाद आवेदन को स्वीकृति के लिए ऑनलाइन भेजा गया। इसके बाद ही भुगतान की कार्रवाई की गई। जांच कराई जा रही है और अपात्र पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।