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किसानों को वन स्टाप शाप के माध्यम से मिलेगा लाभ
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बलिया। किसानों को उनके फसल उत्पादन के लिए कृषि केंद्र (एग्री जंक्शन) के बैनर तले समस्त सुविधाएं वन स्टॉप शॉप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत जनपद के लिए वर्ष 2019-20 में 20 एग्री जंक्शन के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। वन स्टॉप शॉप किसानों के लिए एग्री जंक्शन के रूप में कार्य करेगा जिसके अंतर्गत कृषकों को उच्च गुणवत्ता के बीज उर्वरक, जैव उर्वरक, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, वर्मी कंपोस्ट, कीटनाशक तथा जैव कीटनाशकों सहित समस्त कृषि निवेशों की आपूर्ति तथा लघु कृषि यंत्रों को किराए पर उपलब्ध कराया जाना।
उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया है कि योजना के तहत किसानों के लिए नवीन तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर संस्तुत उर्वरक एवं खाद की संतुलित मात्रा के बारे में किसानों को जानकारी देना, एग्री जंक्शन योजनातर्गत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता जैसे कृषि व्यवसाय गतिविधियों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता करना व लाइसेंस फीस के व्यय की प्रतिपूर्ति आदि में किसानों को मदद दी जाएगी। इसके अलावा बैंकों से ऋण प्राप्त करने में भी किसानों सहायता दी जाएगा तथा 5% की दर से ब्याज के अनुदान की व्यवस्था इंडेन सब्सिडी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
बताया कि एक वर्ष तथा दुकान किराए का 50 प्रतिशत की दर से ब्याज के अनुदान व्यवस्था बैंक इंडेंड सब्सिडी के रूप में देय है। एक वर्ष तक दुकान किराये का 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 1000/माह) कृषि व्यवसायकों को प्रशिक्षण प्रदान करने का भी लक्ष्य है। योजना के तहत लघु कृषि यंत्रों को अनुदानित दर पर किराए पर उपलब्ध कराया जाना।
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उत्तर प्रदेश शासन द्वारा योजना के तहत विशेष सुविधाएं दी जानी हैं। इसमें योजना की लागत रुपये- चार लाख (अधिकतम) तथा ऋण सीमा रुपए 3.50 लाख के ब्याज पर अनुदान प्रति केंद्र (बैंक की वर्तमान ब्याज दर 12 प्रतिशत) में से 05 प्रतिशत अग्रिम ब्याज अनुदान की धनराशि, 03 वर्ष के प्रस्तावित कार्य के लिए रुपए- 14000 प्रतिवर्ष अन्य ऋण देने के संबंध में बैंकों के नियम यथावत होंगे। कृषि निवेशों पर निर्गत किए जाने वाले लाइसेंस शुल्क की प्रतिपूर्ति रुपये 5210 (अधिकतम) देय होगी। ़इसके अतिरिक्त चयनित आवेदकों को व्यवसाय के निमित्त 12 दिवसीय प्रशिक्षण का प्राविधान है। इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पात्रता निर्धारित की गई है। इसके तहत आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो। कृषि स्नातक/कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक जो कृषि एवं संबद्ध विषयों यथा उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इसी तरह की गतिविधियां जो किसी राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालयों जो आईसीएआर/ यूजीसी द्वारा मान्यता हो, पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त अनुभव प्राप्त डिप्लोमाधारी/कृषि विषय में इंटरमीडिएट योग्य प्रार्थी पर विचार किया जाएगा। आयु 40 वर्ष से अधिक अनुसूचित जाति/जनजाति महिलाओं को पांच वर्ष की छूट अधिकतम पात्र अभ्यर्थियों में जिनकी जन्मतिथि पहले हैं, उन्हें वरीयता दी जाएगी।
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उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया है कि योजना के तहत किसानों के लिए नवीन तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर संस्तुत उर्वरक एवं खाद की संतुलित मात्रा के बारे में किसानों को जानकारी देना, एग्री जंक्शन योजनातर्गत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता जैसे कृषि व्यवसाय गतिविधियों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता करना व लाइसेंस फीस के व्यय की प्रतिपूर्ति आदि में किसानों को मदद दी जाएगी। इसके अलावा बैंकों से ऋण प्राप्त करने में भी किसानों सहायता दी जाएगा तथा 5% की दर से ब्याज के अनुदान की व्यवस्था इंडेन सब्सिडी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
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बताया कि एक वर्ष तथा दुकान किराए का 50 प्रतिशत की दर से ब्याज के अनुदान व्यवस्था बैंक इंडेंड सब्सिडी के रूप में देय है। एक वर्ष तक दुकान किराये का 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 1000/माह) कृषि व्यवसायकों को प्रशिक्षण प्रदान करने का भी लक्ष्य है। योजना के तहत लघु कृषि यंत्रों को अनुदानित दर पर किराए पर उपलब्ध कराया जाना।
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उत्तर प्रदेश शासन द्वारा योजना के तहत विशेष सुविधाएं दी जानी हैं। इसमें योजना की लागत रुपये- चार लाख (अधिकतम) तथा ऋण सीमा रुपए 3.50 लाख के ब्याज पर अनुदान प्रति केंद्र (बैंक की वर्तमान ब्याज दर 12 प्रतिशत) में से 05 प्रतिशत अग्रिम ब्याज अनुदान की धनराशि, 03 वर्ष के प्रस्तावित कार्य के लिए रुपए- 14000 प्रतिवर्ष अन्य ऋण देने के संबंध में बैंकों के नियम यथावत होंगे। कृषि निवेशों पर निर्गत किए जाने वाले लाइसेंस शुल्क की प्रतिपूर्ति रुपये 5210 (अधिकतम) देय होगी। ़इसके अतिरिक्त चयनित आवेदकों को व्यवसाय के निमित्त 12 दिवसीय प्रशिक्षण का प्राविधान है। इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पात्रता निर्धारित की गई है। इसके तहत आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो। कृषि स्नातक/कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक जो कृषि एवं संबद्ध विषयों यथा उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इसी तरह की गतिविधियां जो किसी राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालयों जो आईसीएआर/ यूजीसी द्वारा मान्यता हो, पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त अनुभव प्राप्त डिप्लोमाधारी/कृषि विषय में इंटरमीडिएट योग्य प्रार्थी पर विचार किया जाएगा। आयु 40 वर्ष से अधिक अनुसूचित जाति/जनजाति महिलाओं को पांच वर्ष की छूट अधिकतम पात्र अभ्यर्थियों में जिनकी जन्मतिथि पहले हैं, उन्हें वरीयता दी जाएगी।