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मायावती कर रही गलत बयानबाजी: रमाशंकर
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बेल्थरारोड। लोकसभा चुनाव में बसपा को सपा का साथ नहीं मिला होता तो बसपा का वजूद ही खत्म हो गया होता। सच्चाई यह है कि सपा के आधार मतदाताओं ने गठबंधन प्रत्याशी की जीत के लिए जीतोड़ प्रयत्न किया। इसके बाद भी बसपा प्रमुख मायावती गलत बयानबाजी कर रही हैं। ये बातेें सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिस दल और कार्यकर्ताओं के समर्थन की बदौलत बसपा सुप्रीमो अपनी पार्टी का अस्तित्व बचाने में सफल हुई हों, उस दल और कार्यकर्ताओं पर गलत सवाल उठाना सर्वथा अनुचित है। लोकसभा चुनाव में सपा ने बसपा को सिर्फ समर्थन ही नहीं दिया बल्कि समर्पण भी कर दिया था। वरना बसपा सुप्रीमो को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार ढूंढने पर भी नहीं मिलते और चुनाव में बसपा का वजूद ही समाप्त हो गया होता। उन्होंने इसके साथ यह भी जोड़ा कि बसपा सुप्रीमो सपा के समर्थन को भूल समझ बैठीं हैं।
विद्यार्थी ने दावा किया कि सपा ने बसपा के साथ गठबंधन नहीं किया होता तो बसपा के आधे कार्यकर्ता सपा में शामिल हो गए होते। स्पष्ट किया कि विधानसभा के उपचुनाव में सपा अकेले उतरेगी। उन्होंने मायावती के बयान को भ्रामक और गलत ठहराते हुए कहा कि सपा ही ऐसी पार्टी है, जो सर्व समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिस दल और कार्यकर्ताओं के समर्थन की बदौलत बसपा सुप्रीमो अपनी पार्टी का अस्तित्व बचाने में सफल हुई हों, उस दल और कार्यकर्ताओं पर गलत सवाल उठाना सर्वथा अनुचित है। लोकसभा चुनाव में सपा ने बसपा को सिर्फ समर्थन ही नहीं दिया बल्कि समर्पण भी कर दिया था। वरना बसपा सुप्रीमो को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार ढूंढने पर भी नहीं मिलते और चुनाव में बसपा का वजूद ही समाप्त हो गया होता। उन्होंने इसके साथ यह भी जोड़ा कि बसपा सुप्रीमो सपा के समर्थन को भूल समझ बैठीं हैं।
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विद्यार्थी ने दावा किया कि सपा ने बसपा के साथ गठबंधन नहीं किया होता तो बसपा के आधे कार्यकर्ता सपा में शामिल हो गए होते। स्पष्ट किया कि विधानसभा के उपचुनाव में सपा अकेले उतरेगी। उन्होंने मायावती के बयान को भ्रामक और गलत ठहराते हुए कहा कि सपा ही ऐसी पार्टी है, जो सर्व समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
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